
9 जुलाई, नई दिल्ली: भारतीय शतरंज के लिए एक और स्वर्णिम उपलब्धि सामने आई है। कन्याकुमारी के 17 वर्षीय युवा प्रतिभावान खिलाड़ी एस. अश्वथ ने शतरंज की दुनिया में बड़ी सफलता हासिल करते हुए भारत के 98वें ग्रैंडमास्टर बनने का गौरव प्राप्त किया है।

अश्वथ ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि पुणे में आयोजित ‘2026 पुणे इंटरनेशनल ग्रैंडमास्टर राउंड रॉबिन’ टूर्नामेंट के दौरान हासिल की। टूर्नामेंट के अंतिम राउंड में, अश्वथ ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए अमेरिका के एफएम कन्नन वैद्यनाथन को ब्लैक मोहरों (Black pieces) से मात दी और अपना अंतिम जीएम नॉर्म पूरा किया।
"My next goal is to reach 2600, 2700, then eventually 2800"- Aswath S, India's 98th Grandmaster pic.twitter.com/RZmdHUCjvA
— ChessBase India (@ChessbaseIndia) July 8, 2026
टूर्नामेंट का सफर और जीत की रणनीति
पुणे में आयोजित इस कड़ी प्रतियोगिता में अश्वथ ने 9 राउंड में कुल 7 अंक बटोरे। उन्होंने कुल 6 जीत दर्ज कीं, 2 मुकाबले ड्रॉ खेले और केवल एक में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस परिणाम के साथ, उन्होंने टूर्नामेंट में दूसरा स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
टूर्नामेंट की शुरुआत अश्वथ के लिए थोड़ी चुनौतीपूर्ण रही थी, जहाँ उन्हें जीएम अभिजीत गुप्ता के हाथों हार झेलनी पड़ी थी। हालाँकि, इस झटके से उबरते हुए उन्होंने अपने खेल में गजब का संयम और एकाग्रता दिखाई और अंततः ग्रैंडमास्टर का खिताब अपने नाम कर लिया।

ग्रैंडमास्टर बनने तक का सफर
अश्वथ का ग्रैंडमास्टर बनने का सफर संघर्ष और मेहनत की कहानी बयां करता है:
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पहला जीएम नॉर्म: पिछले साल ‘ग्रेनके ओपन’ में हासिल किया।
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दूसरा जीएम नॉर्म: दिसंबर में बुडापेस्ट में ‘फर्स्ट सैटरडे जीएम राउंड रॉबिन’ के दौरान प्राप्त किया, जहाँ उन्होंने 2500 की रेटिंग का जादुई आंकड़ा भी पार किया।
अश्वथ की यह उपलब्धि न केवल उनके करियर का सबसे बड़ा मील का पत्थर है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के बढ़ते दबदबे को भी दर्शाती है। अब भारत की नजरें अपने 100वें ग्रैंडमास्टर तक पहुँचने पर टिकी हैं, और अश्वथ जैसे युवाओं का निरंतर अच्छा प्रदर्शन इस लक्ष्य को और अधिक करीब ला रहा है।
(स्रोत: News On AIR)




