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जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर फिर प्रकृति का कहर: भारी भूस्खलन से 1700 ट्रक फंसे, सुरक्षा जांच के लिए डोडा पुल भी बंद

उधमपुर के देवल में मलबे के कारण NH-44 बाधित; कड़ी सुरक्षा के बीच सुरक्षित निकाले गए अमरनाथ यात्री, प्रशासन ने दी यात्रा से बचने की सलाह

28 जुलाई, जम्मू: जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में हुए एक भारी भूस्खलन (Landslide) के कारण 250 किलोमीटर लंबा रणनीतिक जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पूरी तरह बाधित हो गया है। इस मार्ग बंद होने की वजह से करीब 1700 ट्रक और कई यात्री वाहन अलग-अलग जगहों पर फंसे हुए हैं。 वहीं दूसरी ओर, डोडा जिले के मुख्य पुल में संदिग्ध दरारें दिखने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर उसे भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है。  


देवल में गिरा भारी मलबा, रोकी गई आवाजाही

यातायात विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सोमवार सुबह उधमपुर जिले के देवल इलाके में एक बड़ा भूस्खलन हुआ, जिसके बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर हाईवे के दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही को रोक दिया。  

हाईवे बंद होने के कारण उधमपुर और बनिहाल के बीच 1700 से अधिक ट्रक और सैकड़ों यात्री गाड़ियां कतारों में खड़ी हैं。 हालांकि, मरम्मत कार्य के दौरान एक सिंगल कैरिजवे के जरिए फंसे हुए यात्री वाहनों को प्राथमिकता के आधार पर धीरे-धीरे निकाला जा रहा है。 प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक सड़क पूरी तरह साफ और सुरक्षित नहीं हो जाती, तब तक जम्मू से श्रीनगर, डोडा, रामबन और पटनीटॉप की तरफ किसी भी नए वाहन को जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी。

अमरनाथ यात्रियों के काफिले को सुरक्षित निकाला गया

इस बीच, बालटाल बेस कैंप की ओर जा रहे 3,823 अमरनाथ श्रद्धालुओं के एक काफिले (जिसमें करीब 140 वाहन शामिल थे) को कड़ी सुरक्षा के बीच प्रभावित क्षेत्र से सुरक्षित पार करा दिया गया。 अधिकारियों ने प्रभावित हिस्से पर एक तरफ का रास्ता अस्थायी रूप से बहाल कर इस वीआईपी काफिले को निकाला。 भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की टीमें और भारी मशीनरी मलबे को हटाने और सड़क को पूरी तरह चालू करने में जुटी हुई हैं。  

यातायात पुलिस ने यात्रियों और आम जनता से अपील की है कि वे इस मार्ग पर यात्रा करने से बचें, क्योंकि क्षेत्र में लगातार पत्थर गिरने (Shooting Stones) और फिर से भूस्खलन होने का खतरा बना हुआ है。

डोडा पुल में दिखीं दरारें, जांच जारी

राजमार्ग की समस्या के साथ-साथ डोडा जिले से भी एक चिंताजनक खबर आई, जहाँ मुख्य डोडा पुल पर संदिग्ध दरारें दिखाई देने के बाद प्रशासन ने तुरंत वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी。

लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों ने शुरुआती जांच के बाद बताया कि ये दरारें कोई गंभीर संरचनात्मक (Structural) नुकसान नहीं हैं, बल्कि निर्माण के दौरान कंक्रीट के ओवरलैप होने के निशान हो सकते हैं。 हालांकि, किसी भी बड़े खतरे से बचने के लिए विशेषज्ञों की एक विशेष टीम को विस्तृत जांच के लिए बुलाया गया है。 विशेषज्ञों की हरी झंडी मिलने के बाद ही इस पुल को दोबारा खोला जाएगा。 फिलहाल, ट्रैफिक को वैकल्पिक गणपत पुल की तरफ डायवर्ट कर दिया गया है。


अपील: प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और यात्रा शुरू करने से पहले केवल ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर जारी की गई अपडेट्स पर ही भरोसा करने को कहा है。  

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