उत्तराखंड: भूस्खलन से कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग अवरुद्ध, 20 गांवों का संपर्क टूटा
लगातार हो रही बारिश के कारण तवाघाट-सोबला मार्ग पर पुल क्षतिग्रस्त; प्रशासन ने जारी किया येलो अलर्ट, बचाव कार्य जारी

पिथौरागढ़, 18 जुलाई 2026: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शनिवार सुबह गर्बाधार के पास एक विशाल चट्टान के सड़क पर गिर जाने से कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। इस मार्ग के बंद होने से कैलास मानसरोवर यात्रा का चौथा दल धारचूला में ही फंस गया है।
यात्रियों की सुरक्षा बनी प्राथमिकता
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यात्रा मार्ग पर गर्बाधार से लगभग दो किलोमीटर दूर पहाड़ से मलबा और बड़ी चट्टानें गिरने के कारण आवाजाही बाधित हुई है। इस रुकावट के कारण धारचूला से गुंजी की ओर जाने वाला चौथा यात्रा दल आगे नहीं बढ़ पाया और प्रशासन ने एहतियात के तौर पर उन्हें धारचूला में ही रोक दिया है। बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) की टीमें मार्ग को जल्द से जल्द खोलने के लिए मशीनों के साथ काम में जुटी हैं, लेकिन लगातार पत्थर गिरने से राहत कार्य में कठिनाई आ रही है।
20 गांवों का बाहरी दुनिया से संपर्क कटा
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, कैलास मानसरोवर मार्ग के अलावा तवाघाट-सोबला-तिदांग मार्ग पर स्थित ‘थाडिगाड पुल’ भी क्षतिग्रस्त हो गया है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने इस पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। इन दो प्रमुख मार्गों के बंद होने से व्यास घाटी के सात और दारमा घाटी के 13 गांवों का सड़क संपर्क बाहरी दुनिया से कट गया है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग का अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। पिथौरागढ़ सहित देहरादून, चमोली, नैनीताल और अल्मोड़ा जैसे क्षेत्रों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से यात्रा के दौरान सावधानी बरतने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में न जाने की अपील की है।




