गैंगस्टर का ‘टारगेट’ बने कांग्रेस विधायक बलराम दांगी, मांगी 5 करोड़ की रंगदारी
"अगली बार सीधी चलेगी गोली" — गैंगस्टर की खुली चेतावनी से सहमा इलाका

रोहतक (हरियाणा): महम से कांग्रेस विधायक बलराम दांगी की सुरक्षा और स्थानीय कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शुक्रवार सुबह विधायक को एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप मैसेज भेजकर 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई है। इस धमकी ने न केवल विधायक के परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
“अगली बार गोली सीधी चलेगी”
मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह 8:37 बजे एक विदेशी नंबर से आए व्हाट्सएप मैसेज में खुद को ‘छोटा सैमाणिया’ बताने वाले गैंगस्टर ने विधायक को चेतावनी दी है। संदेश में स्पष्ट लिखा है कि यदि एक सप्ताह के भीतर 5 करोड़ रुपये का इंतजाम नहीं किया गया, तो अंजाम बुरा होगा। धमकी में यह भी उल्लेख किया गया है कि, “अबकी बार शीशे पर गोली चली है, अगली बार सीधी चलेगी।”

20 जून को दफ्तर पर हुआ था हमला
गौरतलब है कि इससे पहले 20 जून की रात को महम स्थित विधायक बलराम दांगी के कार्यालय पर दो नकाबपोश बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। उस घटना में कार्यालय के दरवाजे के शीशे टूट गए थे और गोलियां अंदर तक जा पहुंची थीं। घटना के दौरान हमलावरों ने वहां एक पर्ची भी छोड़ी थी, जिस पर ‘छोटा सैमाणिया’ का नाम लिखा था।
कौन है ‘छोटा सैमाणिया’?
धमकी देने वाले सुमित उर्फ ‘छोटा सैमाणिया’ के बारे में पुलिस सूत्रों का कहना है कि वह महम के सैमाण गांव का निवासी है और कुख्यात गैंगस्टर ‘मटरी’ का चचेरा भाई है। सुमित के खिलाफ पहले से ही 30 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह एक साल पहले फर्जी दस्तावेजों के सहारे विदेश (थाईलैंड) भाग गया था, जहां से अब वह सोशल मीडिया के जरिए अपनी गैंग चला रहा है। हिसार जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद से ही वह लगातार गंभीर वारदातों को अंजाम दे रहा है।
पुलिस प्रशासन पर दबाव
फायरिंग की घटना के बाद से ही महम के विधायक बलराम दांगी और उनके परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाल ही में कांग्रेस के 13 विधायकों ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात कर सुरक्षा की मांग की थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने डीजीपी को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
पुलिस ने फायरिंग मामले में एक आरोपी अमन (लाखनमाजरा निवासी) को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है, जिसे पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। अब रंगदारी के इस नए मामले के बाद पुलिस की जांच का दायरा और बढ़ गया है। पुलिस का कहना है कि धमकी देने वाले की पहचान और लोकेशन का पता लगाने के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है।




