
फिल्लौर, 03 अक्टूबर 2026: पंजाब को नशा मुक्त और प्रगतिशील राज्य बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। महाराजा रणजीत सिंह पंजाब पुलिस अकादमी, फिल्लौर में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारियों (DGP से लेकर SHO स्तर तक) के साथ बैठक की।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए राज्य में नशे के खिलाफ जारी ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के तहत कई महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी।
ਅੱਜ ਮਹਾਰਾਜਾ ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਅਕੈਡਮੀ, ਫਿਲੌਰ ਵਿਖੇ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ (DGP ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ SHO ਤੱਕ) ਨਾਲ ਅਹਿਮ ਮੀਟਿੰਗ ਕੀਤੀ…
'ਯੁੱਧ ਨਸ਼ੇ ਵਿਰੁੱਧ' ਮੁਹਿੰਮ ਤਹਿਤ ਅਸੀਂ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਤਸਕਰਾਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਸਖ਼ਤ ਐਕਸ਼ਨ ਲੈਣ ਦੀ ਪੂਰੀ ਖੁੱਲ੍ਹੀ ਛੁੱਟੀ ਦਿੱਤੀ ਹੈ। ਫੋਰਸ ਨੂੰ ਅਤਿ-ਆਧੁਨਿਕ ਸਹੂਲਤਾਂ ਦੇਣ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਅਸੀਂ ਬਿਨਾਂ… pic.twitter.com/eaxoLw3IBE— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) October 3, 2026
नशे के सौदागरों पर सख्त कार्रवाई की खुली छूट
मुख्यमंत्री मान ने स्पष्ट किया कि पंजाब पुलिस को राज्य से नशा तस्करों और असामाजिक तत्वों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए पूरी छूट (‘फ्री हैंड’) दे दी गई है। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

10,000 नई निष्पक्ष भर्तियां और हाई-टेक सुविधाएं
पुलिस बल की क्षमता बढ़ाने और युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि पंजाब पुलिस विभाग में 10,000 नई भर्तियां की जाएंगी। उन्होंने भरोसा दिया कि ये सभी भर्तियां बिना किसी सिफारिश और पूरी पारदर्शिता के साथ होंगी। इसके साथ ही पुलिस बल को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए अति-आधुनिक सुविधाएं और संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
“न रुकेंगे, न झुकेंगे”: CM मान
ट्वीट के माध्यम से मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपना संकल्प दोहराते हुए लिखा:
“आओ संकल्प लें कि नशे की इस बुराई को जड़ से उखाड़ने तक हम न रुकेंगे, न झुकेंगे… हम किसी मां-बहन की आंख में आंसू नहीं आने देंगे और नशा-मुक्त ‘रंगला पंजाब’ का निर्माण करेंगे।”
मुख्यमंत्री ने राज्य के नागरिकों से भी अपील की कि वे नशा मुक्त समाज के निर्माण में आगे आएं और पुलिस का सहयोग करें।




