Rath Yatra 2026: पुरी में भगवान जगन्नाथ के स्वागत के लिए सज रहा गुंडिचा मंदिर
16 जुलाई से शुरू होने जा रहे विश्व प्रसिद्ध वार्षिक उत्सव के लिए तैयारियां अंतिम चरण में, श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तैयार है 'जन्मस्थान'

पुरी (ओडिशा) | 12 जुलाई, 2026: ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध वार्षिक रथ यात्रा (Rath Yatra) के लिए तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में हैं। भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के स्वागत के लिए ‘गुंडिचा मंदिर’ (Gundicha Temple) को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। यह उत्सव 16 जुलाई से शुरू होने जा रहा है।
उत्सव का महत्व
गुंडिचा मंदिर को भगवान जगन्नाथ का जन्मस्थान माना जाता है। रथ यात्रा के दौरान तीनों देव श्री जगन्नाथ मंदिर से निकलकर यहाँ सात दिनों तक प्रवास करते हैं। इस दौरान मंदिर परिसर को ओडिशा की पारंपरिक कला ‘झोटी चित्र’ (Jhoti Chita) से सजाया गया है, जो इस आयोजन की भव्यता को बढ़ा रही है।
#WATCH | Puri, Odisha: Preparations are underway at the Gundicha Temple in Puri ahead of the annual Rath Yatra 2026. The grand Jagannath Rath Yatra is set to begin on Thursday, 16 July. pic.twitter.com/Fsscq8QUds
— ANI (@ANI) July 12, 2026
प्रशासन और सेवायतों की कड़ी मेहनत
मंदिर प्रशासन, ओडिशा सरकार और पुरी के स्थानीय निवासी इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरी तरह एकजुट हैं। मंदिर के अधिकारियों का कहना है कि श्री मंदिर और गुंडिचा मंदिर, दोनों ही स्थानों पर सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं।
सेवायत, जो इस महापर्व के लिए देश-विदेश से पुरी लौटते हैं, इन दिनों कठोर धार्मिक अनुशासन का पालन कर रहे हैं। मंदिर के एक सेवायत ने बताया:
“हम इस दौरान ‘हविष्य’ (सात्विक आहार) का पालन करते हैं और पूर्ण निष्ठा के साथ अपनी सेवा में जुटे रहते हैं। हम साल भर कहीं भी काम करें, लेकिन रथ यात्रा के समय भगवान की सेवा के लिए यहाँ आना हमारा परम कर्तव्य है।”
एक ऐतिहासिक आयोजन
प्रशासन और सेवायतों का मानना है कि इस वर्ष की रथ यात्रा ऐतिहासिक होगी, क्योंकि इसमें भक्तों, प्रशासन और पुरी के निवासियों का सामूहिक प्रयास शामिल है। लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए भीड़ प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया है।



