Video: “सिर्फ वादे मत कीजिए, मेरा घर खुलवाइए”: 13 साल के लड़के की हिम्मत ने हिलाया प्रशासन!
लखीमपुर खीरी के 'संपूर्ण समाधान दिवस' में एक कक्षा 8 के छात्र का साहस, जिलाधिकारी से की त्वरित कार्रवाई की मांग

19 जुलाई, लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ के दौरान एक 13 साल के छात्र द्वारा अधिकारियों से की गई सीधी बात चर्चा का विषय बन गई है। कक्षा 8 में पढ़ने वाले अमिताभ गुप्ता ने जिलाधिकारी (DM) अंजनी कुमार सिंह के सामने अपने परिवार की परेशानी रखी और अधिकारियों से सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई करने की मांग की।
क्या है पूरा मामला?
अमिताभ का आरोप है कि उसके परिवार के संयुक्त स्वामित्व वाले घर के एक हिस्से को रिश्तेदारों ने जबरन ताला लगाकर बंद कर दिया है। पीड़ित छात्र ने बताया कि उसके पिता मानसिक बीमारी से जूझ रहे हैं और उसकी मां दूसरों के घरों में काम करके परिवार का भरण-पोषण करती है। परिवार का कहना है कि घर का वह हिस्सा किराए पर दिया जा सकता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और बच्चों की पढ़ाई का खर्च निकल सकेगा।
जिलाधिकारी के साथ तीखी बहस
जब जिलाधिकारी ने पूछा कि वह अकेले क्यों आया है, तो अमिताभ ने अपनी पारिवारिक स्थिति का हवाला देते हुए बताया कि पहले भी कई बार शिकायतें की गई हैं, लेकिन कोई हल नहीं निकला। बातचीत के दौरान जब एक पुलिस इंस्पेक्टर ने उसे आश्वासन दिया कि मामला सुलझा लिया जाएगा, तो अमिताभ ने दृढ़ता से जवाब देते हुए कहा, “सिर्फ यह मत कहिए कि कर देंगे, जल्दी करके दिखाइए।”
DM ने जब उसे अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी, तो छात्र ने तार्किक रूप से पूछा कि जब मां की कमाई केवल 3,000 रुपये महीना है, तो पढ़ाई और किताबों का खर्च कैसे चलेगा।
अधिकारियों ने क्या कहा?
लगातार शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई न होने से नाराज अमिताभ को जिलाधिकारी ने संयम बरतने को कहा और उसे भरोसा दिलाया कि प्रशासन उसकी शिकायत की जांच करेगा। घटना के बाद, जिलाधिकारी ने संबंधित पुलिस इंस्पेक्टर को मौके पर जाकर मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
सोशल मीडिया पर इस 13 वर्षीय लड़के के साहस और अपनी बात को निडरता से रखने के तरीके की खूब सराहना की जा रही है।




