राम मंदिर ट्रस्ट में ‘घोटाले’ को लेकर रणदीप सुरजेवाला का ट्वीट, बोले- “नवंबर 2020 में ही ऑडिट फर्म ने दी थी वार्निंग”
कांग्रेस नेता का आरोप- 2021 में सबूत देने के बाद भी योगी सरकार ने नहीं की कार्रवाई, असली किरदार अभी भी पर्दे के पीछे

नई दिल्ली: अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण और उससे जुड़े घटनाक्रमों को लेकर राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक तीखा पोस्ट साझा कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। सुरजेवाला ने आरोप लगाया है कि राम मंदिर निर्माण से जुड़े वित्तीय मामलों में गंभीर अनियमितताएं और ‘लूट’ हुई है, जिस पर सरकार पूरी तरह मौन साधे बैठी है।

“जिन्होंने राम को लूटा, वो देश का क्या करेंगे” – सुरजेवाला
कांग्रेस महासचिव ने अपने ट्वीट की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की। उन्होंने लिखा:
“जिन्होंने “राम” को लूट लिया, वो “देश” का क्या क्या करेंगे! जरा सोचिए!”
सुरजेवाला का दावा है कि राम मंदिर परिसर और ट्रस्ट के अंतर्गत हो रही गड़बड़ियों को लेकर बहुत पहले ही आगाह कर दिया गया था। उनके मुताबिक, नवंबर 2020 में ही एक प्रतिष्ठित “ऑडिट फर्म” द्वारा मंदिर निर्माण से जुड़ी वित्तीय चेतावनियां और ‘लूट’ की वार्निंग दी गई थी, लेकिन उस समय न तो कोई ठोस कदम उठाया गया और न ही कोई कार्रवाई अमल में लाई गई। देखें ट्वीट-
जून 2021 के सबूतों का दिया हवाला
अपने पोस्ट में पूर्व मुख्य प्रवक्ता ने याद दिलाया कि जून 2021 में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने रजिस्ट्री तथा आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ इस कथित घोटाले के सबूतों को सार्वजनिक किया था। सुरजेवाला ने कहा कि उस समय भाजपा सरकार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की जांच बिठाने की बात कही थी, मगर नतीजा शून्य रहा। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा, “पर… न कुछ किया, न कुछ हुआ।”

मोदी सरकार की ‘चुप्पी’ पर उठाए सवाल
सुरजेवाला ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन खुद सरकार द्वारा किया गया था, इसलिए इस पूरे मामले पर उनकी जवाबदेही बनती है। सरकार पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा:
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मोदी सरकार साल 2020 में भी “चुप” थी।
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मोदी सरकार “आज” भी “चुप” है।
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क्योंकि राम मंदिर ट्रस्ट तो “उन्होंने” ही बनाई थी।
“असली किरदार अभी भी पर्दे के पीछे”
ट्वीट के आखिरी हिस्से में सुरजेवाला ने संकेत दिया कि वर्तमान में जो कार्रवाई या चर्चाएं दिख रही हैं, वे सिर्फ छोटे स्तर के मोहरों तक सीमित हैं। उन्होंने लिखा कि अब फिर से वही पुरानी कहानी दोहराई जा रही है, जहां छोटे-छोटे किरदारों के नाम तो सामने आ रहे हैं, लेकिन राम मंदिर के नाम पर हुई इस कथित ‘लूट’ के पीछे जो बड़े और असली जिम्मेदार चेहरे हैं, वे अब भी बचे हुए हैं।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
सुरजेवाला के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स के बीच भी तीखी बहस देखने को मिल रही है। जहां एक तरफ कांग्रेस समर्थक इस मुद्दे पर सरकार से पारदर्शिता और जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी खेमे और भाजपा समर्थकों का कहना है कि कांग्रेस ने हमेशा राम मंदिर निर्माण का विरोध किया है और अब वे भक्तों के सहयोग और आस्था पर बेवजह सवाल उठा रहे हैं।
फिलहाल, सुरजेवाला के इन गंभीर आरोपों पर भाजपा या राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस ट्वीट ने एक बार फिर इस संवेदनशील मुद्दे पर सियासी तापमान बढ़ा दिया है।




