Features NewsNational

अमरनाथ यात्रा के लिए प्रस्तावित नए मार्ग: लद्दाख के द्रास से शुरू होगा सफर

बालटाल और पहलगाम के बाद अब द्रास बनेगा तीसरा प्रवेश द्वार; मात्र 5 किलोमीटर की होगी कठिन चढ़ाई

श्रीनगर | 10 जुलाई, 2026: वार्षिक अमरनाथ यात्रा के बीच, लद्दाख के द्रास से पवित्र गुफा तक एक नए और वैकल्पिक मार्ग की मांग ने जोर पकड़ लिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ताशी ग्यालसन ने इस प्रस्तावित मार्ग को ‘सबसे सुरक्षित और सबसे छोटा’ रास्ता बताया है।

क्या है नया प्रस्ताव?

वर्तमान में अमरनाथ यात्रा के लिए दो मुख्य मार्ग हैं: पहलगाम का पारंपरिक लंबा मार्ग और बालटाल का छोटा लेकिन कठिन रास्ता। अब लद्दाख क्षेत्र से तीसरा मार्ग खोलने की योजना पर चर्चा हो रही है। भाजपा नेता ताशी ग्यालसन के अनुसार, जोजिला टनल के निर्माण ने द्रास जिले के मीनामार्ग से गुफा तक पहुंचना आसान बना दिया है।

इस मार्ग की विशेषताएं:

  • दूरी: यह द्रास के मीनामार्ग से केवल 5 किलोमीटर का ट्रेक (पैदल यात्रा) होगा।

  • कम ऊंचाई की चढ़ाई: मीनामार्ग पहले से ही 10,800 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इसका मतलब है कि तीर्थयात्रियों को बालटाल या पहलगाम की तुलना में बहुत कम ऊंचाई चढ़नी होगी।

  • सुरक्षित और सुगम: विशेषज्ञों का मानना है कि इस मार्ग का ढलान अन्य रास्तों की तुलना में कम है, जिससे बुजुर्गों और बीमार तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा काफी सुलभ हो जाएगी।

  • आर्थिक लाभ: इस नए मार्ग के खुलने से लद्दाख के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और तीर्थयात्री श्रीनगर के साथ-साथ लेह की तरफ से भी गुफा तक पहुँच सकेंगे।

प्रशासन का रुख

लद्दाख के उपराज्यपाल ने इस नए मार्ग की व्यवहार्यता (feasibility) पर एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। जानकारों का कहना है कि यह मार्ग न केवल तीर्थयात्रियों के लिए आरामदायक होगा, बल्कि यह पहलगाम और बालटाल जैसे पारंपरिक मार्गों पर पड़ने वाले पर्यावरणीय दबाव को कम करने में भी मदद कर सकता है।

फिलहाल, प्रशासन तकनीकी और सुरक्षा संबंधी पहलुओं की जांच कर रहा है। यदि यह प्रस्ताव धरातल पर उतरता है, तो भविष्य में अमरनाथ यात्रा के अनुभव में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।


Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button