पेपर लीक और शिक्षा प्रणाली को लेकर राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तीखा हमला, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
राहुल गांधी ने पूछा सवाल- देश की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने वालों को सरकार क्यों दे रही है संरक्षण?

23 जुलाई, नई दिल्ली: देश में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था के हालिया घटनाक्रमों को लेकर विपक्षी दल लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। इसी कड़ी में, कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक सोशल मीडिया पोस्ट पर पलटवार करते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि वर्तमान सरकार ने देश के युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है।
‘शिक्षा प्रणाली को पूरी तरह बर्बाद होने दिया’ – राहुल गांधी
राहुल गांधी ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल पर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में पोस्ट साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने लिखा:
You are the one who has harmed the future of our youth the most.
You allowed and encouraged the total capture and destruction of our education system – and protected every person responsible for it.
The students’ demands are clear:
1. Sack Dharmendra Pradhan.
2. Apologise to… https://t.co/0MK4wPMNiK— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 23, 2026
“आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाया है। आपने न सिर्फ हमारी शिक्षा प्रणाली पर पूरा कब्ज़ा होने और उसे बर्बाद होने दिया, उसे बढ़ावा भी दिया – और इसके ज़िम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया।”
छात्रों की तीन मुख्य मांगें उठाईं
कांग्रेस नेता ने विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार के सामने तीन बड़ी शर्तें रखी हैं:
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धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या उन्हें पद से बर्खास्त करने की मांग।
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छात्रों से माफी मांगें: पूरे घटनाक्रम और छात्रों की परेशानी के लिए सरकार से माफी की मांग।
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कार्रवाई हो: विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ कथित तौर पर हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
पीएम मोदी के किस पोस्ट पर आया यह जवाब?
दरअसल, यह तीखा हमला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने युवाओं के भविष्य और कल्याण को अपनी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों (Fast-Track Courts) का गठन करने का निर्णय लिया गया है और इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
पीएम मोदी के इसी बयान को कोट करते हुए राहुल गांधी ने सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं और इसे शिक्षा व्यवस्था के राजनीतिकरण व विनाश का नतीजा बताया है। इस राजनीतिक खींचतान के बीच सोशल मीडिया पर भी #Fast_Track_Courts और केंद्रीय मंत्रियों से जुड़े हैशटैग तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं।




