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दीपके के फैसले से लेकर नड्डा के जूस पिलाने तक: जानिए 26 दिन पुराना गतिरोध कैसे खत्म हुआ

शांति अपील, प्रशासनिक फेरबदल और पीएम मोदी के कड़े कानून के वादे के बाद बनी बात; गृह मंत्रालय ने दिया लिखित आश्वासन

24 जुलाई, नई दिल्ली / गुरुग्राम: NEET पेपर लीक मामले को लेकर पिछले 26 दिनों से जारी गतिरोध आखिरकार कल देर रात समाप्त हो गया। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्रियों और लद्दाख की एपेक्स बॉडी के नेताओं के बीच हुई एक मैराथन बैठक के बाद, प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और आंदोलनकारी सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।

गुरुवार शाम से ही जमीनी स्तर पर ऐसी कई बड़ी घटनाएं हो रही थीं, जो साफ़ तौर पर इस बात का संकेत दे रही थीं कि यह बड़ी हड़ताल अब अपने खात्मे की ओर है। आइए नज़र डालते हैं उन कड़ियों पर जिन्होंने इस आंदोलन के पटाक्षेप का रास्ता साफ किया।


1. आंदोलनकारियों के रुख में नरमी: दीपके का हड़ताल से किनारा

कल शाम इस हड़ताल के कमजोर पड़ने और खत्म होने का सबसे पहला बड़ा संकेत तब मिला, जब आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक, अभिजीत दीपके ने हड़ताल में न जाने का फैसला किया। उनके इस कदम से स्पष्ट हो गया था कि आंदोलनकारियों के आंतरिक रुख में बदलाव आ रहा है और सरकार के साथ किसी समझौते की जमीन तैयार हो रही है।

2. सोनम वांगचुक की शांति अपील

अनशन तोड़ने से ठीक कुछ घंटे पहले सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया (X) पर एक बेहद महत्वपूर्ण संदेश साझा किया। उन्होंने देश के लोगों से किसी भी प्रकार की हिंसा से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की। वांगचुक ने संकेत दिए कि यदि सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और छात्रों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई न करने का भरोसा देती है, तो वे बातचीत के लिए तैयार हैं।

3. शिक्षा मंत्रालय में आधी रात को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

कल देर रात सरकार ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए शिक्षा मंत्रालय के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया। सरकार ने एक कड़ा संदेश देते हुए उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी का तत्काल प्रभाव से तबादला कर उन्हें पंचायती राज मंत्रालय में भेज दिया। इस फेरबदल को सरकार की ओर से छात्रों के गुस्से को शांत करने और जवाबदेही तय करने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा गया।

4. पीएम मोदी का वीडियो संदेश और सख्त कानून का वादा

आधी रात के वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक विशेष वीडियो संदेश जारी कर NEET पेपर लीक मामले पर गहरा दुख व्यक्त किया। पीएम मोदी ने देश के युवाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि केंद्रीय कैबिनेट शुक्रवार को एक बेहद सख्त कानून के मसौदे पर चर्चा करेगी, जिसमें फास्ट-ट्रैक कोर्ट और दोषियों के लिए कठोर सजा के प्रावधान शामिल होंगे। इस विधेयक को संसद के इसी सत्र में पेश किया जाएगा।

5. सरकार का लिखित आश्वासन

लेह एपेक्स बॉडी के नेताओं के अनुसार, सरकार के साथ चली लंबी बातचीत के बाद गृह मंत्रालय की ओर से एक लिखित आश्वासन दिया गया। इसमें कहा गया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में शामिल रहे छात्रों और युवाओं के खिलाफ दर्ज किए गए सभी पुलिस मामलों को वापस लिया जाएगा। इस कदम ने प्रदर्शनकारियों का अविश्वास दूर करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई।

6. मेदांता अस्पताल में आधी रात को मैराथन बैठक

इन तमाम घटनाक्रमों के बीच, गृह मंत्री अमित शाह से हरी झंडी मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह देर रात खुद गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे। वहाँ लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में कई घंटों तक बातचीत (Negotiation) हुई। सरकार के सकारात्मक रवैये और ठोस आश्वासनों के बाद आखिरकार सोनम वांगचुक ने अपना 26 दिनों से जारी अनशन समाप्त करने का फैसला किया।


इस शांतिपूर्ण समझौते के बाद अब सभी की नज़रें आज होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक पर टिकी हैं, जहां पेपर लीक के खिलाफ आने वाले सख्त अध्यादेश या कानून को मंजूरी दी जा सकती है।

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