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1 जुलाई 2026 से ऑस्ट्रेलिया के स्किल्ड वीज़ा आय मानदंडों में 3.9% की वृद्धि

Subclass 482, 494, 186 और 187 समेत कई नियोक्ता-प्रायोजित वीज़ा श्रेणियों पर लागू होंगे नए नियम; विदेशी कर्मचारियों के लिए बढ़ेगी न्यूनतम वेतन सीमा

ब्यूरो: ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने हाल ही में अपने आव्रजन नियमों में एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। 1 जुलाई 2026 से, ऑस्ट्रेलिया में काम करने वाले कुशल विदेशी पेशेवरों और उन्हें प्रायोजित करने वाले नियोक्ताओं के लिए न्यूनतम आय सीमा (Income Threshold) में 3.9 प्रतिशत की वृद्धि प्रभावी हो गई है।

क्या हैं नए बदलाव?

यह संशोधन ‘औसत साप्ताहिक सामान्य समय आय’ (AWOTE – Average Weekly Ordinary Time Earnings) के वार्षिक इंडेक्सेशन के अनुरूप किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य ऑस्ट्रेलियाई श्रम बाजार में वेतन ढांचे को आधुनिक आर्थिक स्थितियों के साथ संतुलित रखना है।

यह वृद्धि मुख्य रूप से उन वीज़ा श्रेणियों पर लागू होगी जो नियोक्ता-प्रायोजित (Employer-Sponsored) हैं, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • Subclass 482: स्किल्स इन डिमांड वीज़ा (Skills in Demand Visa)

  • Subclass 494: स्किल्ड एम्प्लॉयर स्पॉन्सर्ड रीजनल (प्रोविजनल) वीज़ा

  • Subclass 186: एम्प्लॉयर नॉमिनेशन स्कीम वीज़ा

  • Subclass 187: रीजनल स्पॉन्सर्ड माइग्रेशन स्कीम वीज़ा

नए नियमों का प्रभाव और उद्देश्य

सरकार के इस कदम के पीछे दो मुख्य उद्देश्य हैं:

  1. वेतन समानता: यह सुनिश्चित करना कि विदेशी कुशल कर्मचारियों को वही प्रतिस्पर्धी वेतन मिले जो उसी पद पर काम करने वाले ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को मिलता है।

  2. बाजार संतुलन: इससे स्थानीय श्रम बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा बनी रहेगी और स्थानीय कर्मचारियों के वेतन स्तर पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

आवेदकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह संशोधित आय मानदंड 1 जुलाई 2026 या उसके बाद जमा किए गए नए स्पॉन्सरशिप और नॉमिनेशन आवेदनों पर ही लागू होंगे। जो आवेदन इस तिथि से पहले दायर किए जा चुके हैं, उन पर पुरानी आय सीमाएँ ही मान्य होंगी।

भारतीय पेशेवरों पर असर

ऑस्ट्रेलिया भारतीय आईटी विशेषज्ञों, इंजीनियरों और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों के लिए एक प्रमुख कार्य गंतव्य है। जो भारतीय पेशेवर आने वाले समय में ऑस्ट्रेलिया में नियोक्ता-प्रायोजित वीज़ा के माध्यम से प्रवास की योजना बना रहे हैं, उन्हें अब अपने संभावित वेतन प्रस्तावों को इन नई न्यूनतम आय सीमाओं के अनुरूप जांचना होगा।

नियोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्पॉन्सरशिप आवेदनों को तैयार करते समय संशोधित न्यूनतम वेतन और प्रचलित बाजार दरों (Market Salary Rates) का विशेष ध्यान रखें ताकि वीज़ा प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।

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