UIDAI ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में लॉन्च किया आधार फेस ऑथेंटिकेशन SDK और सैंडबॉक्स
अब बैंक और फिनटेक ऐप्स के भीतर ही आसानी से हो सकेगी फेस ऑथेंटिकेशन; जानिए प्रक्रिया और फायदे

नई दिल्ली | 9 सितंबर 2026: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आज ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में ‘आधार फेस ऑथेंटिकेशन SDK’ (सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट) और ‘आधार फेस ऑथेंटिकेशन सैंडबॉक्स’ लॉन्च किया। इससे बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा (BFSI) क्षेत्र की संस्थाओं के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा अनिवार्य बहु-कारक प्रमाणीकरण (Multi-Factor Authentication) के लिए आधार फेस ऑथेंटिकेशन का उपयोग करना काफी आसान हो जाएगा।
1. सिंगल-ऐप अनुभव: अब अलग से ऐप की जरूरत नहीं
नए आधार फेस ऑथेंटिकेशन SDK को सीधे एंड्रॉइड (Android) और आईओएस (iOS) के मूल (Native) ऐप्स में एकीकृत किया जा सकता है।
-
मल्टी-ऐप निर्भरता खत्म: पहले फेस ऑथेंटिकेशन के लिए उपयोगकर्ता को ‘FaceRD’ नाम का एक अलग बैकग्राउंड ऐप डाउनलोड करना पड़ता था।
-
सुगम प्रक्रिया: अब उपयोगकर्ता सीधे बैंक, बीमा या ब्रोकिंग ऐप के भीतर से ही एक ही बार में प्रमाणीकरण पूरा कर सकेंगे।
2. उन्नत AI/ML तकनीक और मजबूत सुरक्षा
यह रेडी-टू-यूज SDK आधुनिक और सुरक्षित तकनीक से लैस है:
-
लाइवनेस और एंटी-स्पूफिंग: धोखाधड़ी रोकने के लिए इसमें एआई और मशीन लर्निंग आधारित फीचर्स दिए गए हैं।
-
सुरक्षित डेटा प्रबंधन: यह प्रमाणीकरण डेटा को एन्क्रिप्टेड और सुरक्षित तरीके से मैनेज करता है।
-
स्मार्टफोन पर कार्यक्षम: इसे आम उपभोक्ता के स्मार्टफोन पर सहजता से काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे बैंक और फिनटेक कंपनियां अपनी सेवाओं को तेजी से लागू कर सकेंगी।
3. डेवलपर टीमों के लिए सैंडबॉक्स वातावरण
SDK के साथ लॉन्च किया गया सैंडबॉक्स एक सुरक्षित और नियंत्रित टेस्टिंग एनवायरनमेंट प्रदान करता है:
-
बिना किसी हार्डवेयर के परीक्षण: डेवलपर और क्वालिटी एश्योरेंस (QA) टीमें बाहरी बायोमेट्रिक हार्डवेयर के बिना प्रमाणीकरण, यूजर सहमति और फेस कैप्चर का परीक्षण कर सकती हैं।
-
विफलता परिदृश्यों की जांच: अमान्य डिजिटल हस्ताक्षर, नेटवर्क में रुकावट, टाइमआउट और स्पूफिंग के प्रयासों जैसी संभावित समस्याओं का पहले ही परीक्षण किया जा सकता है।
4. 500 करोड़ से अधिक लेनदेन का शानदार रिकॉर्ड
2021 में लॉन्च किए गए स्वदेशी AI/ML-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन समाधान ने अब तक कई मील के पत्थर हासिल किए हैं:
-
व्यापक उपयोग: 500 करोड़ से अधिक लेनदेन संसाधित किए जा चुके हैं।
-
200 से अधिक संस्थाएं शामिल: केंद्र व राज्य सरकार के मंत्रालयों, बैंकों, एनबीएफसी, टेलीकॉम ऑपरेटरों और ब्रोकरेज फर्मों द्वारा इसका उपयोग किया जा रहा है।
-
राष्ट्रीय सम्मान: इस तकनीक को नवाचार श्रेणी के तहत ‘प्रधानमंत्री लोक प्रशासन उत्कृष्टता पुरस्कार 2023’ प्रदान किया गया था।
5. इन प्रमुख सेवाओं में हो रहा है उपयोग
आधार फेस ऑथेंटिकेशन का उपयोग वर्तमान में कई महत्वपूर्ण सरकारी व वित्तीय सेवाओं में हो रहा है:
-
पेंशनभोगियों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (जीवन प्रमाण) जमा करना।
-
आयुष्मान भारत, पीएम किसान, पीएम आवास योजना और पीएम ई-ड्राइव के लाभार्थियों का प्रमाणीकरण।
-
ई-केवाईसी (e-KYC) के माध्यम से सिम कार्ड एक्टिवेशन और आधार-सक्षम भुगतान (AePS)।
6. “प्लेबुक ऑन ईज ऑफ ऑनबोर्डिंग” का अनावरण
यूआईडीएआई ने इसके साथ “Playbook on Ease of Onboarding” भी जारी की है। यह प्लेबुक BFSI संस्थाओं, ग्राहकों, कर्मचारियों और व्यावसायिक भागीदारों को यूआईडीएआई के प्रमाणीकरण तंत्र (Authentication Ecosystem) से आसानी से जोड़ने के लिए एक गाइड के रूप में कार्य करेगी।




