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हिमाचल में मानसून का तांडव: शिमला में भूस्खलन से तबाही, 210 सड़कें ठप

अगले 24 घंटों के लिए भारी बारिश का अलर्ट; प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों से दूर रहने की दी चेतावनी

12 जुलाई, शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। राज्य के कई जिलों में मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन (landslides), जलजमाव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। लगातार हो रही बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और यातायात बुरी तरह प्रभावित है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के लिए और अधिक बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

यातायात और सड़क संपर्क पर असर

भारी बारिश और भूस्खलन के चलते पूरे राज्य में लगभग 210 सड़कें बंद पड़ी हैं। मलबे को हटाने और यातायात बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है। शिमला, सिरमौर और कुल्लू जिलों में कई स्थानों पर भूस्खलन की खबरें हैं।

  • शिमला में ताजा भूस्खलन: शिमला में रविवार को फिर से भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। लिफ्ट के पास सड़क चौड़ीकरण के काम के दौरान पहाड़ का एक हिस्सा और एक बड़ा पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे सर्कुलर रोड पूरी तरह अवरुद्ध हो गई। इसके अलावा, राजीव भवन के पास भी भूस्खलन से सब्जी मंडी रोड पर यातायात ठप हो गया।

  • कुल्लू की स्थिति: कुल्लू जिले में मणिकरण-बरशैनी रोड पर भूस्खलन के कारण यातायात फिर से बाधित हो गया है।

अन्य नुकसान और घटनाएँ

  • इमारत ढही: शिमला के रामनगर में एक इमारत पूरी तरह गिर गई। गनीमत यह रही कि इस संरचना को पहले ही खाली करा लिया गया था, इसलिए कोई हताहत नहीं हुआ।

  • वाहनों को नुकसान: रजाना गाँव में भूस्खलन के कारण खड़े हुए दो वाहन मलबे में दब गए। संजौली में एक रिटेनिंग वॉल गिरने से मलबा पांच इमारतों पर जा गिरा।

  • ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी: भारी बारिश के बीच, रोहतांग, शिंकुला और बारालाचा जैसे ऊंचे पहाड़ी दर्रों में शनिवार को हल्की बर्फबारी दर्ज की गई।

मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग के शिमला केंद्र ने रविवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटों के दौरान चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। राज्य के निचले और मध्य पहाड़ी इलाकों में भी मध्यम बारिश के आसार हैं।

प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, मौसम के अपडेट पर नज़र रखने और नदी-नालों के पास जाने से बचने की सख्त सलाह दी है।

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