
नई दिल्ली: विज्ञान भवन में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल मीटिंग आयोजित हुई। इस बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, दिल्ली की मुख्यमंत्री
रेखा गुप्ता, उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ए.के. शर्मा और राजस्थान के मंत्री झाबर सिंह खर्रा शामिल हुए।
बैठक में एनसीआर के विकास, पर्यावरण और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई मुद्दों पर मंथन हुआ, जिसके बाद कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई।


1. सीमा में कोई बदलाव नहीं, बना रहेगा पुराना दायरा
लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए बैठक में यह साफ कर दिया गया है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के क्षेत्रीय दायरे में फिलहाल कोई कांट-छांट या बदलाव नहीं होगा। जो राज्य और जिले अभी एनसीआर का हिस्सा हैं, वे आगे भी इसी तरह बने रहेंगे।
2. ‘रीजनल प्लान-2041’ के लिए बनी स्पेशल सब-कमेटी
एनसीआर के भविष्य के मास्टर प्लान यानी रीजनल प्लान-2041 को अंतिम रूप देने के लिए केंद्र और राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों की एक विशेष सब-कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी पर्यावरण संरक्षण, शहरी नियोजन (Urban Planning) और सस्टेनेबल ग्रोथ जैसे पहलुओं पर काम करेगी और 15 अगस्त, 2026 तक अपनी फाइनल रिपोर्ट बोर्ड को सौंपेगी।
3. बसेंगे 4 नए ग्रीनफील्ड शहर: ‘नमो सिटी’
बैठक का सबसे आकर्षक फैसला एनसीआर क्षेत्र में चार नए ग्रीनफील्ड शहर विकसित करना है।
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ये शहर पूरी तरह आधुनिक, पर्यावरण के अनुकूल (Eco-friendly) और आत्मनिर्भर होंगे।
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इन्हें ‘नमो सिटी’ के नाम से जाना जाएगा।
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एनसीआर बोर्ड के चारों सदस्य राज्य (हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान) अपने-अपने यहां इस शहर को विकसित करने के लिए एक-एक योजना बनाकर भेजेंगे।
4. आरआरटीएस (RRTS) और गुरुग्राम में अगली बैठक
क्षेत्र में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) परियोजनाओं को और तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उनकी सरकार ग्रीनफील्ड शहरों और रैपिड रेल प्रोजेक्ट्स को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
अगली बैठक: राष्ट्रीय राजधानी योजना बोर्ड की अगली महत्वपूर्ण बैठक दिसंबर 2026 में हरियाणा के गुरुग्राम में आयोजित की जाएगी।




