सड़क सुरक्षा के लिए जनभागीदारी अनिवार्य: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आह्वान
दुर्घटना-मुक्त भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार ने 'ब्लैक स्पॉट्स' सुधारने हेतु आवंटित किए 50 हजार करोड़ रुपये; अंतरराष्ट्रीय मानकों पर जोर

नई दिल्ली | 30 जून 2026: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश में सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया है। नई दिल्ली में सड़क सुरक्षा पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा कि सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सरकार के प्रयासों के साथ-साथ आम जनता का सहयोग भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
दुर्घटना-मुक्त भारत की ओर सरकार के कदम
मंत्री ने जानकारी दी कि सरकार ने देश भर में दुर्घटनाओं के लिए संवेदनशील स्थानों (ब्लैक स्पॉट्स) और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की आशंका वाली जगहों की पहचान कर ली है। इन खतरनाक हिस्सों को सुधारने के लिए सरकार ने 50 हजार करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि आवंटित की है और उन पर तेजी से काम चल रहा है।
अंतरराष्ट्रीय मानकों पर जोर
श्री गडकरी ने कहा कि सरकार सड़कों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए:
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आधुनिक सड़क इंजीनियरिंग को अपनाया जा रहा है।
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सड़कों पर उचित साइनेज (संकेतक) लगाए जा रहे हैं।
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लेन मार्किंग और अंडरपास जैसी सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है ताकि वाहन चालकों को कोई असुविधा न हो।
नागरिकों से अपील
सड़क हादसों को कम करने के लिए मंत्री ने वाहन चालकों से यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि इसमें हर नागरिक की भूमिका है। उन्होंने चालकों को सलाह दी:
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ओवरस्पीडिंग से बचें: गति सीमा का पालन करें।
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सुरक्षा उपकरणों का उपयोग: हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
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लेन अनुशासन: अपनी लेन में चलें और लेन अनुशासन बनाए रखें।
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मोबाइल का प्रयोग न करें: वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करने से बचें।
नितिन गडकरी ने उम्मीद जताई कि यदि प्रत्येक नागरिक जिम्मेदारी के साथ नियमों का पालन करे, तो सड़क हादसों में होने वाली मौतों के आंकड़े को काफी हद तक कम किया जा सकता है।




