
8 जुलाई, नई दिल्ली: ट्रेन के अंदर अनधिकृत प्रवेश और नियमों के उल्लंघन का एक मामला सामने आया है, जिसने रेलवे प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 6 जुलाई 2026 को नंदिग्राम एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 11002) में सफर कर रहे एक दंपति ने अपने 1st AC कूपे को सजाने के लिए निजी तौर पर एक डेकोरेटर को बुलाया था। यह घटना सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो गई है।
क्या है पूरा मामला?
वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि ट्रेन के अंदर एक व्यक्ति डेकोरेशन का काम कर रहा है। रेलवे के नियमों के अनुसार, किसी भी यात्री को अपने कूपे में बाहरी व्यक्ति को बुलाकर इस तरह की गतिविधियां करने की अनुमति नहीं है। रेलवे कोच के अंदर डेकोरेटर का प्रवेश पूरी तरह से अनधिकृत (Unauthorized) था और इसे सुरक्षा और प्रोटोकॉल के प्रति एक गंभीर चूक माना जा रहा है।

रेलवे मंत्रालय की सख्त कार्रवाई
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद रेल मंत्रालय और संबंधित रेलवे जोन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। रेलवे की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि:
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टीटीई निलंबित: संबंधित कोच के प्रभारी टिकट चेकर (TTE) को ड्यूटी में लापरवाही और अनधिकृत व्यक्ति को कोच में आने देने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
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उच्च स्तरीय जांच: रेलवे ने इस मामले की विस्तृत विभागीय जांच (Departmental Inquiry) के आदेश दिए हैं।
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सख्त कार्यवाही: जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य
रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ट्रेन के डिब्बों की सुरक्षा और उसमें सवार यात्रियों की निजता सर्वोपरि है। ट्रेन में किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि या बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश, बिना उचित अनुमति के, पूरी तरह वर्जित है। भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ऑन-ड्यूटी स्टाफ को अधिक सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां लोग रेलवे सुरक्षा प्रणाली में सुधार और नियमों के पालन पर जोर दे रहे हैं।




