
नई दिल्ली/चंडीगढ़, 24 जुलाई 2026: नीट (NEET) परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों को लेकर केंद्र सरकार पर विपक्ष का हमला लगातार तेज होता जा रहा है. इसी कड़ी में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने सरकार की नीतियों और हालिया घोषणाओं पर तीखे सवाल उठाए हैं.
कांग्रेस सांसदों द्वारा राहुल गांधी के नेतृत्व में गांधी स्मृति स्थल पर आयोजित किए गए एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर कुमारी सैलजा ने परीक्षा धांधली से प्रभावित छात्रों के प्रति अपनी एकजुटता प्रकट की. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा परीक्षा मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाने की घोषणा पर कड़ी प्रतिक्रिया दी.
मुख्य बिंदु:
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नैतिक जवाबदेही की मांग: कुमारी सैलजा ने कहा कि अगर केंद्र सरकार देश की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और छात्रों को न्याय देने के लिए वाकई गंभीर है, तो उसे सबसे पहले अपनी नैतिक जवाबदेही तय करनी होगी. उन्होंने मांग की कि इसके लिए देश के शिक्षा मंत्री को अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए.
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विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप: सांसद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने संसद से लेकर प्रधानमंत्री आवास और गांधी स्मृति स्थल तक हमेशा शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से छात्रों की आवाज उठाई है, लेकिन सरकार ने हर बार विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया है.
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दोषियों पर त्वरित कार्रवाई की मांग: उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा सरकार राजनीतिक मामलों में तो बहुत तेजी (फास्ट-ट्रैक) दिखाती है, लेकिन जब लाखों युवाओं के भविष्य का सवाल आता है, तो सिर्फ खोखली घोषणाएं की जाती हैं. केवल कोर्ट बनाने की घोषणा से छात्रों का भरोसा वापस नहीं लौटेगा, बल्कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलने पर ही व्यवस्था में सुधार होगा.
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छात्रों पर बल प्रयोग का विरोध: कुमारी सैलजा ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज करने और उन्हीं के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज किए जाने की कड़ी निंदा की. उन्होंने इसे पूरी तरह से अलोकतांत्रिक और युवाओं के साथ सरासर अन्याय बताया.
उन्होंने साफ किया कि छात्रों के हक, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस का यह गांधीवादी और शांतिपूर्ण संघर्ष लगातार जारी रहेगा.




