सिरसा/चंडीगढ़, 16 जून 2026 सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव कुमारी सैलजा ने कैंसर सहित अन्य जीवनरक्षक दवाइयों की हाल ही में बढ़ाई गई कीमतों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने और कीमतों को तुरंत नियंत्रित करने की मांग की है।
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब देश के लाखों परिवार पहले ही महंगाई और स्वास्थ्य संबंधी भारी-भरकम खर्चों के बोझ से जूझ रहे हैं। ऐसे में जीवनरक्षक दवाओं के दाम बढ़ाना मरीजों और उनके परिवारों की परेशानियों को और अधिक बढ़ाने का काम करेगा।
घग्गर क्षेत्र में कैंसर का प्रकोप, बढ़ेगा आर्थिक बोझ
कुमारी सैलजा ने विशेष रूप से हरियाणा के घग्गर क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र सिरसा का यह हिस्सा लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से प्रभावित रहा है।
“इस क्षेत्र के अनेक परिवार पहले ही इलाज, जांच और दवाइयों पर अपनी जमा-पूंजी खर्च करने को मजबूर हैं। दवाइयों के दाम बढ़ने से इन पीड़ित परिवारों पर असहनीय आर्थिक और मानसिक बोझ बढ़ेगा।”
जमीनी हकीकत दावों से अलग: केवल जांच केंद्र, इलाज नहीं
सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में कैंसर के इलाज की सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों पर सवाल उठाते हुए सांसद ने कहा कि जमीनी वास्तविकता इससे कोसों दूर है। उन्होंने स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे की कमियों को उजागर करते हुए कहा:
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सीमित सुविधाएं: जिला स्तर या ग्रामीण क्षेत्रों में केवल जांच अथवा सैंपल संग्रह (Sample Collection) की ही व्यवस्था उपलब्ध है।
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महानगरों पर निर्भरता: पूर्ण उपचार, विशेषज्ञ चिकित्सक, रेडियोथेरेपी और कीमोथेरेपी जैसी आवश्यक सुविधाएं कुछ गिने-चुने बड़े केंद्रों तक ही सीमित हैं।
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बढ़ती परेशानी: स्थानीय स्तर पर इलाज न मिलने के कारण मरीजों को बड़े शहरों के चक्कर काटने पड़ते हैं, जिससे उनका खर्च और मानसिक तनाव कई गुना बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य सेवा कोई विलासिता नहीं, नागरिकों का मूल अधिकार
कांग्रेस महासचिव ने जोर देकर कहा कि किसी भी संवेदनशील सरकार का प्राथमिक दायित्व अपने नागरिकों को सस्ता, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। उन्होंने हाल ही में लोकसभा में भी प्रदूषित जल और इसके कारण प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कैंसर के मामलों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था।
कुमारी सैलजा ने केंद्र और राज्य सरकार से निम्नलिखित मांगें की हैं:
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विशेष स्वास्थ्य नीति: कैंसर से अत्यधिक प्रभावित क्षेत्रों के लिए एक विशेष और केंद्रित स्वास्थ्य नीति तैयार की जाए।
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आधुनिक बुनियादी ढांचा: जिला स्तर के अस्पतालों में ही आधुनिक कैंसर उपचार सुविधाएं और मशीनें विकसित की जाएं।
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विशेष राहत योजना: गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को बेहद सस्ती दर पर दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए विशेष राहत योजना लागू हो।
सांसद ने अंत में कहा कि स्वास्थ्य सेवा कोई विलासिता (Luxury) नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार है, और सरकार को इसी भावना को ध्यान में रखकर तुरंत कल्याणकारी निर्णय लेने चाहिए।




