लगान के 25 साल: ढाई दशक बाद भी लोगों के दिलों में क्यों जिंदा है आमिर खान की ब्लॉकबस्टर फिल्म

आशुतोष गोवारिकर और आमिर खान की स्पोर्ट्स म्यूजिकल फिल्म लगान: वन्स अपॉन अ टाइम इन इंडिया ने आज 15 जून को अपनी रिलीज के ढाई दशक यानी 25 साल पूरे कर लिए हैं. लगान भारतीय सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक अचीवमेंट है, जिसने लोगों में देशभक्ति और मानवीय भावना को पैदा किया और सिनेमा में एक नई लहर पैदा की थी.
सन् 1893 के समय पर बेस्ड फिल्म एक जुझारू ग्रामीण किसान भुवन की कहानी है, जो ब्रिटिश शासन के भारी करों से बचने के लिए उनके खिलाफ एक बड़ा क्रिकेट मैच फिक्स कर गांव का सब कुछ दांव पर लगा देता है. फिल्म की रोमांचक कहानी, संघर्षरत किरदार की दिल छू लेने वाली कहानी और एआर रहमान का संगीत आज भी दर्शकों को अपने सुर में पिरोने का काम करता है.
आमिर खान ने लगान पर कहा, ‘मेरे चाचा (और फिल्म निर्माता) नासिर हुसैन कहा करते थे, महान फिल्में बनाई नहीं जातीं, ये बस हो जाती हैं और अगर कोई आपसे इसे दोबारा बनाने को कहे, तो आप इसे उसी तरह नहीं बना पाएंगे. मैं पूरी ईमानदारी और विश्वास के साथ कह सकता हूं कि फिल्म से जुड़े हर व्यक्ति… हर अभिनेता, हर तकनीशियन, क्रू ने अपने काम में दिल से योगदान दिया है.
आमिर खान आगे कहते हैं कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में निर्माता बनने से साफ इनकार कर दिया था, क्योंकि उन्होंने अपने पिता, ताहिर हुसैन को आर्थिक कठिनाइयों, दिवालियापन और भारी कर्ज का सामना करते देखा था. आखिरकार उन्होंने अपनी झिझक को दूर करते हुए ‘लगान’ का निर्माण किया ताकि इस भ्रम से बाहर निकला जा सके और उनका प्रोडक्शन हाउस की डेब्यू फिल्म ने उन्हें रातो-रात मालामाल कर दिया.
मिस्टर परफेक्शनिस्ट ने आगे कहा, ‘मैंने हमेशा वादा किया था कि मैं कभी फिल्म प्रोड्यूस नहीं करूंगा… पहले भी मैंने साफ तौर पर कहा था कि मैं कभी प्रोड्यूस नहीं करूंगा. फिर मुझे एहसास हुआ कि कभी भी ‘कभी नहीं’ नहीं कहना चाहिए और ‘लगान’ की वजह से ही ‘आमिर खान प्रोडक्शंस’ खड़ा हुआ था. यह इसलिए हुआ क्योंकि आशु (गोवारिकर) मेरे पास स्क्रिप्ट लेकर आए जो मुझे बहुत पसंद आई और यहीं से इसकी शुरुआत हुई.




