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प.बंगाल: भूमि घोटाला मामले में अभिषेक के करीबी सहयोगी सुमित रॉय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी

तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और पार्टी के लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) सुमित रॉय ने कलकत्ता हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मांगी. हाल ही में उनके खिलाफ फाइनेंशियल फ्रॉड के संबंध में एक एफआईआर दर्ज की गई थी और पुलिस ने जांच के हिस्से के तौर पर उनकी तलाश शुरू कर दी.

इसी सिलसिले में सुमित रॉय के वकील सब्यसाची बनर्जी सोमवार सुबह जस्टिस जॉय सेनगुप्ता की बेंच के सामने पेश हुए और अग्रिम जमानत याचिका पर अर्जेंट सुनवाई की रिक्वेस्ट की. जज ने केस को फॉर्मल तौर पर फाइल करने का निर्देश दिया, लेकिन अर्जेंट सुनवाई की रिक्वेस्ट को तुरंत स्वीकार नहीं किया.

पुलिस ने बताया इससे पहले पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले की एक कोर्ट ने सोमवार को टीएमसी लीडर अभिषेक बनर्जी के करीबी सुमित रॉय के खिलाफ एक लैंड स्कैम केस में अरेस्ट वारंट जारी किया. वारंट तब जारी किया गया जब इन्वेस्टिगेटर्स ने कोर्ट को बताया कि रॉय को ढूंढने की बार-बार कोशिशों के बावजूद उनका पता नहीं चल पाया.

हाल ही में शालबोनी पुलिस स्टेशन में सुमित रॉय के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें उन पर जबरन वसूली, जमीन से जुड़े करप्शन और फाइनेंशियल फ्रॉड जैसे दूसरे आरोप लगाए गए थे. इसके बाद पुलिस ने उन्हें ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया.

पुलिस ने शनिवार 13 जून की सुबह सुमित की तलाश में अभिषेक बनर्जी के घर पर रेड मारी. अभिषेक ने दावा किया कि काफी देर इंतज़ार करने के बाद पुलिस ताला तोड़कर अंदर घुसी और सर्च की लेकिन, जब सुमित रॉय वहां नहीं मिले, तो पुलिस अधिकारी तृणमूल ऑल इंडिया जनरल सेक्रेटरी के घर से खाली हाथ लौट आए.

उसी दिन बाद में पुलिस ने सुमित के सेरामपुर में ससुराल वालों के घर पर भी रेड मारी, लेकिन वह वहां भी नहीं मिले. इस स्थिति का सामना करते हुए और गिरफ्तारी से बचने के लिए, ‘लापता’ सुमित ने अब अपने वकील के जरिए कलकत्ता हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अप्लाई किया है.

राज्य में सत्ता बदलने के बाद से पुलिस ने कई तृणमूल नेताओं के खिलाफ जांच शुरू की. अभिषेक बनर्जी को कई मामलों के सिलसिले में पेश होने के लिए समन भेजा गया. हालांकि शुरू में वह ऐसा करने से बचते रहे, लेकिन शुक्रवार को वह पहली बार भवानी भवन में दिखे. करीब साढ़े पांच घंटे की पूछताछ के बाद वह बाहर निकले.

इसके बाद सीआईडी हेडक्वार्टर ने उन्हें रविवार को फिर से बुलाया. रिपोर्ट बताती है कि इस दौरान कुणाल घोष और अभिषेक बनर्जी से आमने-सामने पूछताछ की गई. जांच अधिकारियों ने उस दिन अभिषेक से करीब आठ घंटे पूछताछ की. सोमवार को अभिषेक ईडी के समन पर पेश हुए. दूसरी ओर आज ही उनके पर्सनल असिस्टेंट ने कलकत्ता हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत मांगी.

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