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Nostalgia के चक्कर में न गंवाएं निजता: AI ’80s फोटो ट्रेंड’ पर दिल्ली पुलिस की चेतावनी

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे विंटेज फोटो ट्रेंड को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह, साइबर फ्रॉड और ब्लैकमेलिंग का खतरा

नई दिल्ली, 22 सितंबर 2026: सोशल मीडिया पर इन दिनों तस्वीरों को 80 के दशक (80s style) जैसा विंटेज लुक देने वाला AI ट्रेंड काफी तेजी से वायरल हो रहा है। लोग अपनी मौजूदा तस्वीरों को AI ऐप्स और फिल्टर के जरिए 80s के लुक में बदलकर शेयर कर रहे हैं। हालांकि, जिसे आप सिर्फ एक मजेदार ट्रेंड समझ रहे हैं, वह आपके लिए एक बड़ा साइबर जाल साबित हो सकता है। दिल्ली पुलिस ने इस ट्रेंड को लेकर नागरिकों के लिए एक अहम चेतावनी जारी की है।

दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए सावधान करते हुए कहा है कि इस तरह के ‘नॉस्टैल्जिक’ ट्रेंड्स के पीछे बड़ा साइबर खतरा छिपा हो सकता है। पुलिस के मुताबिक, किसी भी अनजान AI टूल या थर्ड-पार्टी ऐप पर अपनी निजी फोटो अपलोड करना आपकी साइबर सुरक्षा के लिए खतरनाक हो सकता है। दिल्ली पुलिस द्वारा जारी किया गया पोस्टर:

तस्वीरों का हो सकता है गलत इस्तेमाल

दिल्ली पुलिस ने चेतावनी दी है कि अज्ञात या संदिग्ध AI ऐप्स पर अपलोड की गई आपकी निजी तस्वीरों का इस्तेमाल निम्नलिखित अपराधों के लिए किया जा सकता है:

  • फेक प्रोफाइल बनाना: आपकी तस्वीरों का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाए जा सकते हैं।

  • ब्लैकमेलिंग: आपकी ओरिजिनल इमेज को एडिट या डीपफेक तकनीक के जरिए मॉडिफाई करके आपको ब्लैकमेल किया जा सकता है।

  • साइबर फ्रॉड: बायोमेट्रिक डाटा या विजुअल आइडेंटिटी का इस्तेमाल वित्तीय धोखाधड़ी या पहचान की चोरी के लिए हो सकता है।

दिल्ली पुलिस की नागरिकों से अपील

पुलिस ने सोशल मीडिया यूजर्स को सतर्क करते हुए सलाह दी है:

  1. अज्ञात AI टूल्स पर फोटो अपलोड न करें: बिना जांचे-परखे किसी भी थर्ड-पार्टी टूल को अपनी गैलरी या फोटो का एक्सेस न दें।

  2. रैंडम लिंक्स पर क्लिक करने से बचें: सोशल मीडिया पर ट्रेंड के नाम पर तैर रहे किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।

  3. अपनी पहचान की सुरक्षा करें: यह हमेशा याद रखें कि ‘आपकी फोटो ही आपकी पहचान है’, इसलिए अपनी निजता (privacy) से समझौता न करें।

यदि आप या आपके आसपास कोई व्यक्ति साइबर फ्रॉड या ऑनलाइन जालसाजी का शिकार होता है, तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

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