UPI Transaction Charges: आम जनता और छोटे दुकानदारों के लिए बड़ी राहत, UPI रहेगा बिल्कुल मुफ्त
PCI ने स्पष्ट किया—डिजिटल भुगतान पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा; जानिए क्या है पूरा मामला

नई दिल्ली | 7 अगस्त 2026: अगर आप अपनी रोज़मर्रा की खरीदारी, चाय-नाश्ते या बिल भुगतान के लिए UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके काम की है। पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) ने स्पष्ट किया है कि UPI आम उपभोक्ताओं के लिए पूरी तरह मुफ़्त रहेगा और छोटे दुकानदारों पर भी डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के लिए कोई चार्ज नहीं लगाया जाएगा।
डिजिटल लेनदेन पर शुल्क (Charges) को लेकर चल रही तरह-तरह की चर्चाओं और भ्रम के बीच PCI ने यह स्पष्टीकरण जारी कर आम जनता को बड़ी राहत दी है।
Payments Council of India: "𝐔𝐏𝐈 𝐰𝐢𝐥𝐥 𝐜𝐨𝐧𝐭𝐢𝐧𝐮𝐞 𝐭𝐨 𝐫𝐞𝐦𝐚𝐢𝐧 𝐟𝐫𝐞𝐞 𝐟𝐨𝐫 𝐜𝐨𝐧𝐬𝐮𝐦𝐞𝐫𝐬, and small merchants will not be charged for accepting digital payments."
"Banks, fintech companies, NPCI, and the RBI have been investing in technology,… pic.twitter.com/9yKgtllOZ7
— All India Radio News (@airnewsalerts) August 7, 2026
इस खबर से जुड़े मुख्य बिंदु और पूरी जानकारी:
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उपभोक्ताओं के लिए 100% मुफ्त सेवा: आम नागरिकों/उपभोक्ताओं को UPI के जरिए पैसे भेजने या किसी दुकानदार को भुगतान करने पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना होगा। आप जैसे पहले बिना किसी शुल्क के QR कोड स्कैन करके पेमेंट करते थे, आगे भी वैसे ही कर सकेंगे।
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छोटे दुकानदारों और किराना स्टोर्स को राहत: छोटे व्यापारियों और गली-मोहल्ले के किराना स्टोर चलाने वालों से डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने पर कोई MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) नहीं लिया जाएगा। PCI के अनुसार, छोटे व्यवसायों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ना और उनकी सुरक्षा करना इस सिस्टम का मुख्य उद्देश्य है।
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UPI सिस्टम कैसे मुफ्त चलता है? (लागत कौन उठाता है?): UPI की विशाल तकनीक, सर्वर और सुरक्षा को बनाए रखने में जो खर्च आता है, उसे बैंक, फिनटेक कंपनियां, NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) और RBI मिलकर वहन करते हैं। ये संस्थान तकनीक, साइबर सुरक्षा और धोखाधड़ी (Fraud) को रोकने के लिए लगातार निवेश कर रहे हैं ताकि आपका लेनदेन सुरक्षित बना रहे।
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बड़े मर्चेंट और सेवा शुल्क का सच: यदि भविष्य में या वर्तमान में किसी बड़े व्यापारी पर कोई ‘मर्चेंट सर्विस चार्ज’ (Merchant Service Charges) लागू भी होता है, तो वह व्यापारी और भुगतान सेवा प्रदाताओं (Payment Providers) के बीच का आपसी व्यावसायिक समझौता होगा। इसका असर आम ग्राहकों पर बिल्कुल नहीं पड़ेगा और उपभोक्ता से इसका कोई शुल्क नहीं वसूला जाएगा।
- जानिए कुछ सवाल और उनके जवाब:

आम उपभोक्ताओं के लिए इसका क्या मतलब है?
आपको UPI के जरिए किसी भी लेन-देन के लिए कोई डरने या अतिरिक्त पैसे देने की जरूरत नहीं है। भारत में डिजिटल पेमेंट क्रांति को बढ़ावा देने और हर नागरिक तक आसान बैंकिंग पहुंचाने के लिए यह व्यवस्था पूरी तरह निःशुल्क जारी रहेगी।




