सिक्किम: हिमालयन ज़ूलॉजिकल पार्क में गूंजी 5 नए रेड पांडा शावकों की किलकारी
3 अलग-अलग जोड़ों से जन्म लेकर रेड पांडा कंजर्वेशन ब्रीडिंग प्रोग्राम को मिली नई दिशा

19 सितंबर, 2026: गंगटोक (सिक्किम): सिक्किम की राजधानी स्थित हिमालयन ज़ूलॉजिकल पार्क (बलबुले) में ‘रेड पांडा कंजर्वेशन ब्रीडिंग प्रोग्राम’ के तहत 5 स्वस्थ लाल पांडा शावकों (Red Panda Cubs) का जन्म हुआ है। इस उपलब्धि के साथ ही पिछले कुछ वर्षों से चुनौतियों का सामना कर रहे चिड़ियाघर के रेड पांडा प्रजनन कार्यक्रम को एक नई दिशा और बड़ी कामयाबी मिली है।
3 जोड़ों से हुआ 5 शावकों का जन्म
पार्क प्रशासन के अनुसार, इन शावकों का जन्म जून और जुलाई के महीनों में तीन अलग-अलग जोड़ों से हुआ। कुल 6 शावकों का जन्म हुआ था, जिनमें से 5 पूरी तरह से स्वस्थ हैं और सर्वाइव कर चुके हैं।
कैनाइन डिस्टेंपर के बाद शानदार वापसी
गंगटोक के इस चिड़ियाघर में 1997 से रेड पांडा संरक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। हालांकि, वर्ष 2012 से 2017 के बीच कैनाइन डिस्टेंपर (Canine Distemper) बीमारी के तीन घातक दौर के कारण 12 वयस्क लाल पांडाओं की मौत हो गई थी। इसके अलावा, लगभग 7 वर्षों तक चिड़ियाघर में कोई प्रजनन करने योग्य नर रेड पांडा भी नहीं था। वर्ष 2022 में नए नर और मादा लाल पांडाओं को लाए जाने के बाद प्रजनन कार्यक्रम को दोबारा शुरू किया गया, जिसके अब सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
अन्य दुर्लभ जानवरों के कुनबे में भी बढ़ोतरी
रेड पांडा के अलावा, इस प्रजनन सत्र में चिड़ियाघर के अन्य दुर्लभ जानवरों के परिवारों में भी वृद्धि दर्ज की गई है:
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हिमालयन ब्लैक बियर: अप्रैल महीने में भालू के 2 नए शावकों का जन्म हुआ, जिससे पार्क में इनकी कुल संख्या बढ़कर 6 हो गई है।
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हिमालयन गोराल: नवंबर 2025 में 6 नर गोराल (Himalayan Goral) को जंगल में छोड़े जाने के बाद पार्क में 4 नए गोराल शावकों का जन्म हुआ है।
सिक्किम के इस वन्यजीव उद्यान में हुए इन नए जन्मों से न केवल दुर्लभ और लुप्तप्राय जीवों की आबादी बढ़ाने में मदद मिलेगी, बल्कि यह पूर्वोत्तर भारत के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों के लिए भी एक बड़ी मिसाल साबित होगा।




