यूपीआई शुल्क के खिलाफ व्यापारियों का हल्लाबोल, 2 अक्टूबर को ‘नो यूपीआई डे’ मनाने का किया ऐलान
गांधी जयंती पर डिजिटल भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे व्यापारी, केवल कैश या कार्ड से ही खरीदारी कर सकेंगे ग्राहक; 23 सितंबर को मध्य प्रदेश में दिखा था असर

भोपाल, 24 सितंबर: यूपीआई (UPI) ट्रांजैक्शन पर लगने वाले चार्जेस और व्यापारी शुल्क (MDR) के विरोध में देशभर के व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। मध्य प्रदेश में विरोध प्रदर्शन के बाद अब व्यापारिक संगठनों ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़े आंदोलन की घोषणा कर दी है।
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल (FAIVM) और कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) जैसे शीर्ष व्यापारी संगठनों ने 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के अवसर पर देशभर में ‘नो यूपीआई डे’ (No UPI Day) मनाने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के तहत 2 अक्टूबर को व्यापारी किसी भी प्रकार का डिजिटल या यूपीआई भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे। ग्राहकों को केवल नकद (Cash) या कार्ड के माध्यम से भुगतान करना होगा।
23 सितंबर को मध्य प्रदेश में दिखा असर
इससे पहले, 23 सितंबर को मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर समेत कई प्रमुख शहरों में लगभग 125 व्यापारिक संगठनों ने सांकेतिक ‘नो यूपीआई डे’ मनाया। रिपोर्टों के अनुसार, इस एक दिवसीय विरोध के कारण राज्य भर में व्यापार पर करीब 25% असर पड़ा।
अन्य संगठनों का मिला समर्थन
यूपीआई शुल्क के खिलाफ बढ़ रहे इस आंदोलन को अन्य प्रमुख संस्थानों का भी समर्थन मिल रहा है। महाराष्ट्र चैंबर ऑफ कॉमर्स (MACCIA) और पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने भी व्यापारियों के इस राष्ट्रव्यापी अभियान का खुलकर समर्थन किया है। व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल पेमेंट पर अतिरिक्त चार्ज लगाने से छोटे कारोबारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, जिसका वे विरोध करते रहेंगे।




