NationalViral

नकली रेबीज वैक्सीन सिंडिकेट का भंडाफोड़: दिल्ली से कानपुर तक जुड़ा नेटवर्क, 2 मेडिकल फर्मों पर FIR

चांदनी चौक से शुरू हुई जांच में कानपुर की फर्मों से बरामद हुईं 592 नकली वायल, यूपी के कई जिलों में सप्लाई की आशंका

नई दिल्ली/कानपुर, 29 सितंबर 2026: राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कानपुर में नकली एंटी-रेबीज वैक्सीन बेचने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। कुत्ते और अन्य जानवरों के काटने पर दी जाने वाली ‘अभयरैब’ (Abhayrab) वैक्सीन की फर्जी खेप बाजार में सप्लाई किए जाने के मामले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने सख्त कार्रवाई की है। कानपुर की दो प्रमुख मेडिकल एजेंसियों के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर उनके गोदामों को सील कर दिया गया है।

दिल्ली में पकड़ी गई थी पहली खेप

मामले की शुरुआत दिल्ली के प्रसिद्ध दवा बाजार चांदनी चौक (भागीरथ पैलेस) से हुई, जहां छापेमारी के दौरान संदिग्ध नकली ‘अभयरैब’ वैक्सीन की 481 शीशियां (वायल) बरामद की गई थीं। जब औषधि विभाग ने इस पूरे नेटवर्क और सप्लाई चेन की कड़ियों को खंगालना शुरू किया, तो इसके तार उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर से जुड़े पाए गए।

कानपुर में छापेमारी और भारी बरामदगी

दिल्ली से मिले इनपुट्स के आधार पर ड्रग विभाग की टीम ने कानपुर में दबिश दी। जांच के दौरान शहर की दो दवा फर्मों—‘न्यू आरजे’ और ‘एलेक्सर क्योर’—के पास से 592 संदिग्ध नकली रेबीज वैक्सीन जब्त की गईं।

  • बैच नंबर का मिलान: कानपुर से जब्त वैक्सीन का बैच और सैंपल नंबर दिल्ली में पकड़ी गई फर्जी खेप से हूबहू मेल खाता है।

  • निर्माता कंपनी की पुष्टि: वैक्सीन की मूल निर्माण कंपनी ने भी लिखित पुष्टि की है कि जब्त की गई यह खेप असली नहीं है।

पुलिस केस दर्ज, गोदाम सील

दवा सुरक्षा अधिकारी दिव्यांनी दुबे की शिकायत पर कानपुर के कलेक्टरगंज थाने में कार्रवाई की गई है:

  • आरोपियों पर मामला दर्ज: न्यू आरजे के प्रोपराइटर राजिंदर सिंह और एलेक्सर क्योर के प्रोपराइटर तरनदीप सिंह के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

  • गोदाम और स्टॉक सील: पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने दोनों फर्मों के परिसरों व गोदामों को सील कर पूरा स्टॉक कब्जे में ले लिया है।

  • सैंपल जांच: जब्त टीकों के नमूने विस्तृत रासायनिक विश्लेषण के लिए सरकारी लैब भेजे गए हैं।

यूपी के कई जिलों में सप्लाई की आशंका, जांच तेज

ड्रग विभाग की शुरुआती पड़ताल में खुलासा हुआ है कि कानपुर की इन दोनों फर्मों के जरिए आगरा समेत उत्तर प्रदेश के कई अन्य जिलों और ग्रामीण इलाकों में भी नकली रेबीज इंजेक्शन की भारी खेप भेजी गई थी।

  • बिक्री रिकॉर्ड की जांच: औषधि विभाग अब एजेंसियों के पिछले बिलों, डिजिटल ट्रांजैक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को खंगाल रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक कितने मरीजों या मेडिकल स्टोर्स तक यह नकली दवा पहुंच चुकी है।

  • प्रशासन का बयान: SDM सौरभ सिंह के अनुसार, “नकली एंटी-रेबीज वैक्सीन की बिक्री की शिकायतों पर हुई जांच में दोषी पाई गईं फर्मों के खिलाफ FIR दर्ज कर सीलिंग की कार्रवाई की गई है।”

  • आरोपियों की तलाश: कलेक्टरगंज थाना प्रभारी के मुताबिक पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button