
3 अक्टूबर 2026, चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब के मौर्य विधानसभा क्षेत्र से अपने विधायक सुखवीर सिंह माईसरखाना को पार्टी से निलंबित कर दिया है। पार्टी ने यह कार्रवाई अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों का हवाला देते हुए की है।
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी पर छलका दर्द
यह कार्रवाई तब हुई जब विधायक सुखवीर सिंह माईसरखाना ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो जारी कर पंजाब के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी और बदहाल व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि वे एकमात्र ऐसे AAP विधायक हैं जिनके बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं। जब उनके बच्चे स्कूल में शिक्षकों की कमी की बात करते हैं और स्कूल के प्रिंसिपल उनसे स्टाफ पूरा करवाने को कहते हैं, तो एक पिता और विधायक के रूप में उनके पास कोई जवाब नहीं होता।
माईसरखाना ने आरोप लगाया कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी गई और मुख्यमंत्री से मुलाकात की कोशिश भी बेनतीजा रही।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने साधा निशाना
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष और विधायक परगट सिंह ने इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि AAP की “शिक्षा क्रांति” और कथित तानाशाही का पर्दाफाश खुद उनकी ही पार्टी के विधायक ने कर दिया है।
ਜਿਹੜੀ ਗੱਲ ਪਿਛਲੇ ਸਾਢੇ ਚਾਰ ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਅਸੀਂ ਕਹਿੰਦੇ ਰਹੇ ਹਾਂ, ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੀ ਮਸ਼ਹੂਰੀਆਂ ਵਾਲੀ ਝੂਠੀ “ਸਿੱਖਿਆ ਕ੍ਰਾਂਤੀ” ਅਤੇ ਤਾਨਾਸ਼ਾਹੀ ਦਾ ਪਰਦਾਫਾਸ਼ ਅੱਜ ਖੁਦ AAP ਵਿਧਾਇਕ ਸੁਖਵੀਰ ਸਿੰਘ ਮਾਈਸਰਖਾਨਾ ਨੇ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਹੈ।
ਸੁਖਵੀਰ ਸਿੰਘ ਮਾਈਸਰਖਾਨਾ ਉਹ ਇਕੱਲੇ AAP ਵਿਧਾਇਕ ਹਨ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਆਪਣੇ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਸਰਕਾਰੀ ਸਕੂਲ… pic.twitter.com/jfJjZmoK3O
— Pargat Singh (@PargatSOfficial) October 3, 2026
परगट सिंह ने कहा:
“सुखवीर सिंह माईसरखाना वह अकेले AAP विधायक हैं जिन्होंने अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में दाखिला दिलाया था। लेकिन आज स्कूलों में शिक्षकों और सुविधाओं की हकीकत को उन्होंने रोकर सामने रखा है। सवाल यह है कि क्या AAP के 95 विधायकों में से किसी की आवाज पंजाब के लोगों के मुद्दों पर सुनी जा रही है? पंजाब सरकार राज्य के बजाय दिल्ली के नेताओं द्वारा चलाई जा रही है।”
विपक्ष हुआ हमलावर
विधायक के निलंबन और उनके वीडियो के बाद पंजाब की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस और भाजपा सहित विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी के दिल्ली व पंजाब “शिक्षा मॉडल” के दावों पर सवाल खड़े करते हुए मान सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।




