पलवल, हरियाणा | 8 जुलाई, 2026: हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि एक लोको पायलट ने समोसा खरीदने के लिए ट्रेन को बीच रास्ते में रोक दिया। इस दावे पर अब पश्चिम रेलवे ने अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए इसे पूरी तरह से भ्रामक और गलत बताया है।
क्या है पूरा मामला?
वायरल वीडियो और उससे जुड़ी खबरों में दावा किया गया था कि मध्य प्रदेश में एक लोको पायलट ने सड़क किनारे स्थित एक दुकान से समोसे खरीदने के लिए ट्रेन को रोका। इस खबर ने इंटरनेट पर सुरक्षा चिंताओं को लेकर काफी बहस छेड़ दी थी।
रेलवे का स्पष्टीकरण
पश्चिम रेलवे ने आधिकारिक ‘फैक्ट चेक’ जारी करते हुए निम्नलिखित स्पष्टीकरण दिया है:
-
ट्रेन का प्रकार: वायरल वीडियो में जिस ट्रेन को दिखाया गया है, वह कोई यात्री ट्रेन नहीं बल्कि एक मालगाड़ी (CGPT) थी।
-
हॉल्ट का कारण: मालगाड़ी (लोको संख्या 27237 और 27600) को समोसे खरीदने के लिए नहीं, बल्कि RAU यार्ड में निर्धारित इंजीनियरिंग कार्य के कारण ‘RAU होम सिग्नल’ पर पहले से ही रोका गया था।
-
कर्मचारी की गतिविधि: रेलवे के अनुसार, उस अधिकृत स्टॉपेज (ऑपरेशनल हॉल्ट) के दौरान, सहायक लोको पायलट (ALP) ने व्यक्तिगत रूप से भोजन खरीदा था। इस सामान्य व्यक्तिगत कार्य को गलत तरीके से पेश किया गया ताकि यह लगे कि ट्रेन को ही समोसे खरीदने के लिए रोका गया था। देखें पश्चिम रेलवे का ट्वीट:
Fact Check
The claim made in this post is false and misleading.The goods train (CGPT), hauled by Loco Nos. 27237 & 27600, was already halted at RAU Home Signal due to scheduled engineering work in the RAU yard. It was not stopped to purchase food.
During this operational halt,… https://t.co/HMbEm1F3p9 pic.twitter.com/H64Sshuyvq
— Western Railway (@WesternRly) July 8, 2026
रेलवे की अपील
पश्चिम रेलवे ने इस बात पर जोर दिया है कि वीडियो की ‘चुनिंदा एडिटिंग’ और उसे एक यात्री DEMU ट्रेन से जोड़कर गलत सूचना फैलाई जा रही है। रेलवे प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे इस तरह की भ्रामक सामग्री पर विश्वास न करें और किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से उसकी सत्यता की जांच जरूर करें।
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और नियमों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सर्वोच्च है और इस प्रकार की गलत रिपोर्टिंग से जनमानस में अनावश्यक भ्रम पैदा होता है।




