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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिंगापुर में SING फोरम में की शिरकत; हरियाणा को ‘इनोवेशन कैपिटल’ बनाने का रखा विजन

मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के उद्यमियों को हरियाणा में निवेश के लिए किया आमंत्रित; लॉजिस्टिक्स, टेक्नोलॉजी और अर्बन डेवलपमेंट में बड़े सहयोग का प्रस्ताव

चंडीगढ़/सिंगापुर, 05 अक्टूबर 2026: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन SING (Singapore India Network for Growth) फोरम 2026 के तहत आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शिरकत की। इस कार्यक्रम में सिंगापुर के प्रमुख उद्योगपति, विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य प्रतिनिधि तथा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी मौजूद रहे।

हरियाणा को इनोवेशन कैपिटल बनाने पर जोर

संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह मंच केवल निवेश या व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि दो देशों और अर्थव्यवस्थाओं के बीच विश्वास, दोस्ती और सहयोग को मजबूत करने का जरिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य हरियाणा को केवल एक औद्योगिक शक्ति ही नहीं, बल्कि भारत की ‘इनोवेशन कैपिटल’ के रूप में स्थापित करना है।

सहयोग के 4 प्रमुख क्षेत्र

मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के उद्योग जगत के सामने चार मुख्य क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी का प्रस्ताव रखा:

  1. लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर: उत्तर भारत के बड़े बाजारों के केंद्र में स्थित होने के कारण हरियाणा में सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स के अपार अवसर हैं।

  2. अर्बन डेवलपमेंट एवं रियल एस्टेट: गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में इंटीग्रेटेड टाउनशिप, व्यावसायिक विकास और आधुनिक शहरी अवसंरचना में साझेदारी।

  1. टेक्नोलॉजी और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC): डिजिटल, फाइनेंशियल और प्रोफेशनल सेवाओं के लिए सिंगापुर की कंपनियों को आमंत्रित किया गया।

  2. एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग: ऑटोमोबाइल और इंजीनियरिंग के अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और फ्यूचर-रेडी इंडस्ट्रीज में सहयोग की संभावनाएं।

शिक्षा एवं ईज ऑफ डूइंग बिजनेस

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य ने हाल ही में सिंगापुर-आधारित ग्लोबल स्कूल्स ग्रुप के साथ साझेदारी की है, जिससे K-12 शिक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा और लगभग 2,000 प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि हरियाणा सरकार का फोकस केवल Ease of Doing Business पर ही नहीं, बल्कि Speed of Doing Business पर भी है, ताकि निवेशकों को त्वरित अनुमोदन और सुगम वातावरण मिल सके।

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