केदारनाथ धाम से 5 महीनों में हटाया गया 52.96 टन प्लास्टिक कचरा, ‘CarrymeBack’ अभियान से मिली बड़ी मदद
पर्यावरण संरक्षण के लिए कचरे को भेजा जा रहा है तलहटी में, 'हीलिंग हिमालयाज' के संस्थापक प्रदीप सांगवान ने दी जानकारी।

रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड), 26 सितंबर 2026
केदारनाथ धाम में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर चलाए जा रहे अभियानों के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। ‘हीलिंग हिमालयाज’ (Healing Himalayas) संस्था के संस्थापक प्रदीप सांगवान के अनुसार, पिछले 5 महीनों में केदारनाथ धाम से 52.96 टन गैर-बायोडिग्रेडेबल (अजैव निम्नीकरणीय) कचरा एकत्र किया गया है।
इस कचरे को अब सुरक्षित निस्तारण के लिए धाम से निचले मैदानी इलाकों (तलहटी) में भेजने का काम शुरू कर दिया गया है।
‘CarrymeBack’ अभियान से मिली बड़ी मदद
कचरे के परिवहन में स्थानीय स्तर पर शुरू किए गए #CarrymeBack अभियान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस पहल के माध्यम से अब तक 13.69 टन कचरा नीचे लाया जा चुका है। इसमें तीर्थयात्रियों और स्थानीय स्वयंसेवकों की भी मदद ली जा रही है।
स्रोतों पर कचरा पृथक्करण में सुधार की आवश्यकता
प्रदीप सांगवान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि वर्तमान में कचरे का स्रोत पर पृथक्करण (Source Segregation) लगभग 60% तक ही हो पा रहा है। पर्यावरण संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए इसे बेहतर करने की सख्त जरूरत है।
केदारनाथ धाम जैसे संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्र में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए लगातार ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं ताकि हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र को प्लास्टिक और अन्य कचरे से सुरक्षित रखा जा सके।




