गंगा का जलस्तर बढ़ा: ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग पर अनिश्चितकाल के लिए रोक
लगातार बारिश के कारण खतरे के निशान के पास पहुंची गंगा, प्रशासन ने मुनि-की-रेती और तटीय इलाकों में बढ़ाई चौकसी

28 सितंबर, 2026, ऋषिकेश: पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने ऋषिकेश के मुनि-की-रेती और आसपास के क्षेत्रों में रिवर राफ्टिंग और अन्य साहसिक गतिविधियों पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगा दी है।

339.50 मीटर पहुंचा जलस्तर
पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, रविवार को गंगा का जलस्तर 339.50 मीटर दर्ज किया गया। मौसम विभाग द्वारा पूरे गढ़वाल मंडल में भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद यह कदम उठाया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और जल पुलिस की टीमों ने तटीय इलाकों तथा गंगा घाटों पर लाउडस्पीकर के माध्यम से मुनादी कराकर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को नदी के पास न जाने की सलाह दी है।

23 सितंबर को ही शुरू हुई थी राफ्टिंग
उल्लेखनीय है कि मानसून ब्रेक के बाद 23 सितंबर को ही गंगा में राफ्टिंग सेवाएं दोबारा बहाल की गई थीं। लेकिन महज चार दिनों के भीतर बारिश के कारण दोबारा पाबंदी लगने से राफ्टिंग ऑपरेटरों और व्यवसायियों को भारी निराशा हाथ लगी है। कई पर्यटकों ने मौसम खराब होने के चलते अपनी बुकिंग रद्द करा दी हैं।
टिहरी गढ़वाल के जिला पर्यटन अधिकारी सोबत सिंह राणा ने बताया कि अगले हफ्ते के मौसम पूर्वानुमान और जलस्तर की समीक्षा के बाद ही राफ्टिंग दोबारा शुरू करने का फैसला लिया जाएगा। प्रशासन ने तपोवन, लक्ष्मण झूला और मुनि-की-रेती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।




