
चंडीगढ़: हरियाणा में आगामी 21 जून को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG 2026) को लेकर राज्य सरकार ने कमर कस ली है। परीक्षा की पवित्रता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों पर हरियाणा पुलिस और जिला प्रशासन ने ‘मल्टी-लेयर्ड’ यानी बहुस्तरीय सुरक्षा का खाका तैयार किया है।
परीक्षा केंद्रों को ‘सुरक्षित किला’ बनाने के लिए जो विशेष प्रबंध किए गए हैं, उनकी प्रमुख बातें यहाँ दी गई हैं:
1. 19 जिलों में कड़ी निगरानी
यह परीक्षा प्रदेश के 19 जिलों में आयोजित की जा रही है, जिनमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, झज्जर, रोहतक, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, पानीपत, हिसार, रेवाड़ी, जींद, नूंह, भिवानी, पलवल, सिरसा और महेंद्रगढ़ शामिल हैं। इन सभी केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम रहेंगे।
2. दोहरी सुरक्षा जांच (Double Layer Frisking)
परीक्षा केंद्रों पर किसी भी तरह की सेंधमारी को रोकने के लिए ड्यूल लेयर फ्रिस्किंग की व्यवस्था लागू की गई है:
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पहली जांच: केंद्र के प्रवेश द्वार पर पुलिस और होमगार्ड कर्मियों द्वारा।
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दूसरी जांच: परिसर में प्रवेश के बाद सुरक्षा स्टाफ द्वारा।
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प्रत्येक 100 अभ्यर्थियों के लिए कम से कम एक फ्रिस्किंग कर्मी तैनात होगा, जिसमें 50% से अधिक महिला कर्मचारी होंगी। हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टरों का भी उपयोग किया जाएगा।
3. इन चीजों पर पूरी तरह पाबंदी
हरियाणा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों में किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध है। इनमें शामिल हैं:
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मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, टैबलेट, स्मार्ट वॉच, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स।
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आभूषण, नोट्स, किताबें, और कोई भी ढीला कागज।
4. ‘नकल माफिया’ और अफवाह फैलाने वालों पर नज़र
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खुफिया तंत्र सक्रिय: परीक्षा केंद्रों के पास स्थित कोचिंग सेंटरों, होटलों, लॉज और साइबर कैफे पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
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सोशल मीडिया पर पहरा: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को लगातार मॉनिटर किया जा रहा है ताकि पेपर लीक या किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचनाओं को तुरंत रोका जा सके।
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सख्त कानूनी कार्रवाई: डीजीपी अजय सिंघल ने साफ कहा है कि नकल माफिया या अफवाह फैलाने वाले किसी भी तत्व के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
5. छात्रों के लिए विशेष सुविधा: डायल-112
परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थियों की सहायता के लिए प्रशासन ने खास पहल की है। यदि किसी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र तक पहुँचने में कोई आपातकालीन दिक्कत आती है, तो वे डायल-112 (ERSS) पर कॉल कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर ERSS वाहन उन्हें केंद्र तक पहुँचाने में मदद करेगा।
6. इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमें (QRTs)
प्रत्येक जिले में निरीक्षक (Inspector) रैंक के अधिकारियों के नेतृत्व में क्विक रिस्पांस टीमें (QRTs) गठित की गई हैं, जो किसी भी अप्रत्याशित घटना या सुरक्षा उल्लंघन से निपटने के लिए तैनात रहेंगी।
डीजीपी का संदेश: हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने आश्वासन दिया है कि पुलिस का लक्ष्य केवल सुरक्षा देना नहीं, बल्कि एक ऐसा भयमुक्त और निष्पक्ष वातावरण तैयार करना है जहाँ छात्र पूरी एकाग्रता के साथ अपनी परीक्षा दे सकें।




