
शिमला, 20 जुलाई: हिमाचल प्रदेश में मानसून का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है, जिसके चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
Red alert in some parts of Himachal Pradesh as heavy rainfall set to batter state from July 20.
Many locals say that the ecology of the state has become fragile over decades due to rampant and unplanned construction, along with large-scale felling of trees increasing the risk of… pic.twitter.com/6rMm4ZyXn9
— News Arena India (@NewsArenaIndia) July 19, 2026
प्रमुख घटनाएँ और वर्तमान स्थिति:
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रेड अलर्ट की चेतावनी: मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार के लिए चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। कुल्लू जिले के लिए भी मंगलवार हेतु रेड अलर्ट घोषित किया गया है। विभाग के अनुसार, यहाँ 204.5 मिमी से अधिक वर्षा होने की संभावना है।
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किन्नौर में बड़ा नुकसान: जिले के सांगला-चितकुल मार्ग पर ‘टुबर नाले’ में आए भीषण फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ के तेज बहाव में एक पुल क्षतिग्रस्त हो गया है और मुख्य मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। यह मार्ग रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत-तिब्बत सीमा पर तैनात सेना और आईटीबीपी (ITBP) की अग्रिम चौकियों के लिए रसद और सैनिकों की आवाजाही का मुख्य जरिया है।
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शिक्षण संस्थानों में अवकाश: कांगड़ा जिले के उपायुक्त हेमराज बैरवा ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 20 और 21 जुलाई को सभी सरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया है। इसमें स्कूल, कॉलेज, तकनीकी संस्थान, आंगनवाड़ी केंद्र और यहां तक कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी व संस्कृत यूनिवर्सिटी भी शामिल हैं। इन दो दिनों में होने वाली परीक्षाओं को भी स्थगित कर दिया गया है।
प्रशासनिक कदम और एहतियात:
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तैयारी: राज्य के मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत ने सभी जिला उपायुक्तों को जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों (DEOC) को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। भूस्खलन और बाढ़ संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
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बचाव टीमें: किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), पुलिस, होमगार्ड और अग्निशमन सेवाओं को पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है। हालांकि शिक्षण संस्थानों में छुट्टी है, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जरूरत पड़ने पर शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की सेवाएं आपदा प्रबंधन कार्य के लिए ली जा सकती हैं।
प्रशासन ने आम जनता और पर्यटकों से अपील की है कि वे नदी-नालों के पास जाने से बचें और अत्यधिक बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा न करें।




