
10 जुलाई, चंडीगढ़: सूक्ष्मजीव प्रौद्योगिकी संस्थान (CSIR-IMTech), चंडीगढ़ ने पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए ‘वन महोत्सव 2026’ का भव्य आयोजन किया। इस अवसर पर चंडीगढ़ प्रशासन के वन एवं वन्यजीव विभाग के सहयोग से संस्थान के सेक्टर 39A स्थित परिसर में एक विशेष वृक्षारोपण अभियान चलाया गया।
पर्यावरण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य न केवल परिसर के हरित क्षेत्र को बढ़ाना था, बल्कि जैव-विविधता के संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों के प्रति जागरूकता फैलाना भी था। इस अभियान में इमटैक की निदेशक डॉ. अलका राव, बागवानी विभाग के प्रभारी डॉ. सचिन राउत सहित संस्थान के वैज्ञानिकों, तकनीकी और प्रशासनिक कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

अभियान की मुख्य विशेषताएं:
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सहयोग: यह आयोजन चंडीगढ़ प्रशासन के वन एवं वन्यजीव विभाग के साथ साझेदारी में किया गया, जो स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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लक्ष्य: वृक्षारोपण के माध्यम से परिसर के वातावरण को अधिक हरा-भरा बनाना और भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करना।
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संदेश: इमटैक प्रशासन ने जोर दिया कि पेड़ लगाना केवल एक रस्म नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल करना और उन्हें बड़ा करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

वन महोत्सव का महत्व
भारत में हर साल जुलाई के पहले सप्ताह में ‘वन महोत्सव’ मनाया जाता है। 1950 में के.एम. मुंशी द्वारा शुरू किया गया यह “वनों का उत्सव” अब एक राष्ट्रीय जन-आंदोलन बन चुका है। यह आयोजन मानसून के समय के साथ मेल खाता है, जो नए पौधों के जीवित रहने की दर को बढ़ाने में मदद करता है। इमटैक द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम देश भर में चल रहे वन महोत्सव 2026 के व्यापक प्रयासों का एक हिस्सा है, जिसका लक्ष्य हरित भारत के संकल्प को साकार करना है।
इस वृक्षारोपण कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सतत विकास और प्रकृति के साथ तालमेल ही आने वाले समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।




