
नई दिल्ली, 24 जुलाई 2026: NEET 2026 पेपर लीक मामले को लेकर देश में मचे सियासी घमासान के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद Randeep Singh Surjewala ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि सरकार केवल नए-नए कानून बनाकर युवाओं को बरगलाने का ‘मकड़जाल’ बुन रही है, जबकि ज़मीनी हकीकत में दोषियों को क्लीन चिट दी जा रही है।
“कानून पर कानून बनाने से कुछ नहीं होगा”
रणदीप सुरजेवाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए केंद्र सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा:
“युवाओं को बरगलाने का एक और मकड़जाल! NEET 2024 पेपर लीक के बाद भी मोदी सरकार ने एक कानून बनाया था – The Public Examinations (Prevention Of Unfair Means) Act, 2024. वो क़ानून कहाँ गया?”
सुरजेवाला ने आगे कहा कि क़ानून पर क़ानून बनाने से कुछ हासिल नहीं होने वाला है, क्योंकि उसे तोड़ने और मरोड़ने वाले खुद सरकार में बैठे हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि समस्या देश का कानून नहीं, बल्कि मोदी सरकार की मंशा है।
युवाओं को बरगलाने का एक और मकड़जाल !
👉 NEET 2024 पेपर लीक के बाद भी मोदी सरकार ने एक कानून बनाया था – The Public Examinations (Prevention Of Unfair
Means) Act, 2024.वो क़ानून कहाँ गया?
👉 फिर, मोदी सरकार ने NEET 2024 पेपर लीक की जाँच CBI को सौंप बड़े बड़े दावे किए कि सब को… https://t.co/mFSHmuRfoe pic.twitter.com/fKZNMtjfxR
— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) July 24, 2026
सीबीआई जांच और संजीव मुखिया की ‘क्लीन चिट’ पर उठाए सवाल
सुरजेवाला ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि बड़े-बड़े दावों के बाद भी मामले के मुख्य आरोपियों को राहत मिल रही है। उन्होंने सीबीआई की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा:
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मोदी सरकार ने NEET 2024 पेपर लीक की जांच सीबीआई (CBI) को सौंपी थी और बड़े-बड़े दावे किए थे कि सभी दोषियों को सजा मिलेगी।
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लेकिन हुआ इसके बिल्कुल विपरीत—सीबीआई ने इस मामले के प्रमुख आरोपी संजीव मुखिया को “क्लीन चिट” दे दी है।
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ऐसे में सरकार द्वारा लाया जा रहा कोई भी नया कानून क्या नया कर पाएगा?
राहुल गांधी के ट्वीट को किया कोट
सुरजेवाला ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान का भी समर्थन किया, जिसमें उन्होंने छात्रों की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई थी। राहुल गांधी ने भी सरकार को घेरते हुए तीन प्रमुख मांगें रखी थीं—धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी, छात्रों पर लाठीचार्ज करने वालों को सजा और छात्रों से माफी।
राजनीतिक सरगर्मी तेज
NEET-UG मामले को लेकर छात्रों का प्रदर्शन और विपक्ष का हमला लगातार आक्रामक होता जा रहा है। जहां एक तरफ सरकार फास्ट-ट्रैक कोर्ट और नए नियमों का हवाला देकर निष्पक्ष कार्रवाई की बात कह रही है, वहीं विपक्ष इसे पूरी तरह से प्रशासनिक विफलता और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बता रहा है। सुरजेवाला के इस ताजा हमले के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक सरगर्मी और तेज होना तय है।




