
3 जुलाई, सूरत: मानसून की पहली फुहारों के साथ ही सूरत के बुनियादी ढांचे (infrastructure) की बदहाली की पोल खुल गई है। पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश के कारण शहर के विभिन्न हिस्सों में सड़कों के धंसने (road cave-ins) की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिससे वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों में भारी रोष है।
कई सड़कों में बने बड़े गड्ढे
सूरत में पिछले दिनों हुई भारी बारिश के बाद शहर की कम से कम छह प्रमुख सड़कों के धंसने की खबरें हैं, जिनका हाल ही में नवीनीकरण (re-carpeting) किया गया था। इन गड्ढों के कारण कई वाहन फंस गए, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
🚨Newly Built Road Collapses in Surat, Traps Water Tanker into Massive Sinkhole pic.twitter.com/fyrDDTSyyr
— The Tatva (@thetatvaindia) July 2, 2026
घटनाओं का ब्योरा:
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लंबायत क्षेत्र: बुधवार को एक स्कूल वैन अचानक सड़क धंसने के कारण बने एक बड़े गड्ढे (sinkhole) में फंस गई। गनीमत रही कि स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद की और सभी स्कूली बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
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डिंडोली क्षेत्र: गुरुवार को एक भारी पानी का टैंकर सड़क के बीचों-बीच बने गड्ढे में फंस गया, जिससे घंटों तक लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा।
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उधना और मोटा वराछा: इन क्षेत्रों में भी सड़कों के धंसने से ट्रक और अन्य वाहन फंसने की घटनाएं सामने आईं। मोटा वराछा में तो लगभग 400 मीटर लंबी सड़क का हिस्सा धंस गया।
बुनियादी निर्माण कार्यों में भारी लापरवाही
सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (SMC) द्वारा हाल ही में जल वितरण पाइपलाइनों और ड्रेनेज लाइन बिछाने का काम किया गया था। विशेषज्ञों और स्थानीय अधिकारियों का मानना है कि इन कार्यों के बाद सड़कों की मरम्मत और मिट्टी के भराव (backfilling) में भारी लापरवाही बरती गई है। मिट्टी को ठीक से दबाया (compaction) नहीं गया था, जिसके कारण बारिश का पानी अंदर जाते ही पूरी सड़क धंस गई।
प्रशासन की कार्रवाई
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद, नगर निगम ने मामले का संज्ञान लिया है। SMC के हाइड्रोलिक विभाग ने चार प्रमुख ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन ठेकेदारों को या तो खुद मरम्मत करने का निर्देश दिया गया है, या फिर मरम्मत में होने वाले खर्च को वहन करने के लिए कहा गया है।
सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के स्टैंडिंग कमिटी के चेयरमैन राजन पटेल ने आश्वासन दिया है कि अधिकारी अब स्थिति पर नजर रख रहे हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मरम्मत सामग्री के साथ टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
लोगों की सुरक्षा पर सवाल
सूरत, जिसे ‘डायमंड सिटी’ और ‘स्मार्ट सिटी’ के नाम से जाना जाता है, उसकी सड़कों की यह हालत देखकर नागरिकों ने प्रशासन के दावों पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। शहर के लोग अब मानसून में घर से निकलते समय भी डरे हुए हैं, क्योंकि सड़क कब पैर के नीचे से खिसक जाए, यह कोई नहीं जानता।




