
नई दिल्ली: सीबीएसई (CBSE) के 12वीं कक्षा के छात्र सार्थक सिद्धांत ने एक बार फिर चर्चा में अपनी जगह बनाई है। कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए सीबीएसई के ओएसएम (OSM) पोर्टल टेंडर में कथित अनियमितताओं को उजागर करने के बाद, अब उन्होंने एक अभिनव कदम उठाया है।
सार्थक ने एक ओपन-सोर्स वेबसाइट (Open-source website) लॉन्च की है, जो सरकारी खरीद (Government procurement) की प्रक्रिया को ट्रैक करने में मदद करेगी।

पारदर्शिता के प्रति एक नई पहल
सार्थक सिद्धांत ने इस वेबसाइट को लॉन्च करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “पारदर्शिता सुलभ होनी चाहिए। आज से, यह है।”
इस वेबसाइट को तैयार करने के पीछे की मेहनत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सार्थक ने सरकारी टेंडर और डेटा से जुड़ी करीब 1.66 करोड़ फाइलों को स्क्रैप (Scrape) करके यह डेटाबेस तैयार किया है। उन्होंने इसे एक शुरुआत बताते हुए कहा, “यह तो बस शुरुआत है, अभी और भी बहुत कुछ आना बाकी है।”
क्या है मामला?
सार्थक सिद्धांत का नाम तब सुर्खियों में आया था जब उन्होंने सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा प्रणाली से जुड़े टेंडर में खामियों की ओर ध्यान आकर्षित किया था। उनकी इस सतर्कता ने न केवल सिस्टम की कमियों को उजागर किया, बल्कि अब वे तकनीक का उपयोग करके सरकारी कामकाज में और अधिक जवाबदेही लाने की कोशिश कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सार्थक का यह कदम सरकारी टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव साबित हो सकता है।




