
चंडीगढ़, 29 सितंबर: हरियाणा सरकार ने ‘आइडिया से इनोवेशन और इनोवेशन से समाधान’ की अवधारणा को साकार करने के उद्देश्य से ‘हरियाणा नेटवर्क फॉर एकेडमिक विजन, अप्लाइड क्रिएटिविटी एवं हॉलिस्टिक एडमिनिस्ट्रेटिव रिसर्च (नवाचार) योजना’ तैयार की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित हरियाणा स्टेट इनोवेशन सोसाइटी की पहली जनरल बॉडी बैठक में इस योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के विश्वविद्यालयों, शोधकर्ताओं और छात्रों की प्रतिभा को प्रशासनिक एवं सामाजिक समस्याओं के समाधान से जोड़ना है। योजना के तहत:
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सीड फंडिंग: छात्रों या शोधकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत व्यावहारिक आइडिया और प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए ₹1 लाख तक की शुरुआती सीड फंडिंग प्रदान की जाएगी।
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लैब से फील्ड और फील्ड से नीति: शोध परियोजनाओं को राज्य के विकास लक्ष्यों—जैसे विकसित हरियाणा @2047, डिजिटल गवर्नेंस, टिकाऊ कृषि, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और जल प्रबंधन—के अनुरूप आगे बढ़ाया जाएगा।
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पायलट प्रोजेक्ट: मुख्यमंत्री ने अनुपयोगी एवं गैर-पीने योग्य पानी को शोध और नई तकनीक के माध्यम से उपयोगी बनाने के लिए किसी एक जिले में पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
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प्रमुख संस्थानों से साझेदारी: हरियाणा राज्य इनोवेशन मिशन ने गूगल इंडिया, आईआईटी दिल्ली और एनआईटी कुरुक्षेत्र जैसे प्रमुख संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) किया है, जिससे AI के उपयोग, स्टार्टअप्स की मेंटरिंग और तकनीकी सहायता सुनिश्चित की जा सकेगी।




