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केंद्रीय मंत्रिमंडल का ऐतिहासिक फैसला: सभी अग्निवीरों के लिए रक्षा बलों में स्थायी रूप से शामिल होने का रास्ता साफ

अग्निवीरों के चार साल के शानदार प्रदर्शन और सकारात्मक फीडबैक के बाद सरकार ने लिया बड़ा फैसला; 25% नियमित नियुक्तियों के साथ-साथ बाकी जवानों के लिए भी स्थायी रूप से सेना में शामिल होने का खुला रास्ता।

नई दिल्ली, 4 नवंबर 2026: केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) को लेकर एक बहुत बड़ा और अहम फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि अब सभी अग्निवीरों को रक्षा बलों (Defence Forces) में स्थाई रूप से सेवा का अवसर प्राप्त करने का मार्ग मिल सकेगा। पिछले चार वर्षों के दौरान अग्निवीरों के शानदार प्रदर्शन और सकारात्मक फीडबैक को देखते हुए सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है।

क्या है नया प्रावधान?

  • 25% नियमित नियुक्तियां पूर्ववत: पहले की नीति के अनुसार, मेरिट के आधार पर 25% अग्निवीरों को सीधे रक्षा बलों में नियमित सैनिकों के रूप में नियुक्त किया जाना जारी रहेगा।

  • दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल: जो बाकी अग्निवीर बचेंगे, उन्हें उनकी इच्छा के अनुसार दो साल की अवधि का एक और सेवा कार्यकाल (Second Tour of Duty) दिया जाएगा।

  • स्थाई तौर पर दाखिला: इस दो साल के अतिरिक्त कार्यकाल के पूरा होने के बाद, सभी इच्छुक अग्निवीर निर्धारित चयन मानदंडों और अपनी योग्यता के आधार पर नियमित सैनिक के रूप में सेना में नामांकित किए जा सकेंगे।

सीडीएस जनरल एन.एस. राजा सुब्रामणि ने दी जानकारी

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रामणि ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात की घोषणा करते हुए कहा कि यह भारतीय रक्षा बलों और अग्निवीरों दोनों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 14 जून 2022 को शुरू की गई अग्निपथ योजना के तहत समय-समय पर प्रदर्शन का आकलन किया गया है, जिसके परिणाम बेहद उत्साहजनक रहे हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया है। सरकार के इस कदम से देश के युवाओं का भविष्य और अधिक सुरक्षित होगा तथा सेना को भी प्रशिक्षित एवं अनुभवी जवानों की निरंतर सेवाएं मिलती रहेंगी।

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