FIFA वर्ल्ड कप 2026: ब्राजील-मोरक्को और कतर-स्विट्जरलैंड का मैच ड्रॉ, जबकि स्कॉटलैंड-ऑस्ट्रेलिया ने जीत के साथ की शुरुआत

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के तीसरे दिन यानी की 14 जून को अब तक चार मैच खेले जा चुके हैं. पहले मैच में कतर ने स्टॉपेज-टाइम में गोल करके स्विट्जरलैंड के साथ 1-1 से ड्रॉ खेला और अपना पहला वर्ल्ड कप पॉइंट हासिल किया.
ग्रुप B की पसंदीदा टीम स्विट्जरलैंड के खिलाफ कतर की तरफ से बौआलेम खोउखी ने हेडर से गोल किया. वहीं ब्रील एम्बोलो ने पहले हाफ में पेनल्टी स्पॉट से स्विट्जरलैंड के लिए गोल किया. लेकिन स्विस टीम गोल करने के कई अन्य मौकों का फायदा उठाने में नाकाम रही. जिससे उनको ड्रॉ का मुंह देखना पड़ा.
स्विट्जरलैंड के मिडफील्डर ग्रैनिट जाका ने कहा, ‘हर ड्रॉ हार जैसा लगता है. हम खुद को देख रहे हैं. आज का प्रदर्शन जीत के लिए काफी अच्छा नहीं था.’ वहीं दूसरी तरफ कतर के कोच जूलन लोपेटेगुई ने कहा, ‘मुझे आज बहुत गर्व है… हमारी सोच और आज उन्होंने जो अनुशासन दिखाया, उस पर. हमें अपने प्लान पर अमल करने की जरूरत थी. कभी-कभी हम थोड़े भाग्यशाली भी रहे, लेकिन आपको विश्वास रखना होगा और जीवन और फुटबॉल में इस विश्वास और थोड़े से भाग्य की चाहत रखनी होगी.’
रविवार सुबह तड़के न्यूयॉर्क के मेटलाइफ स्टेडियम में दिन का दूसरा मैच ब्राजील और मोरक्को के बीच खेला गया. ये मैच भी एक-एक से ड्रॉ रहा. मोरक्को की तरफ से इस्माइल सैबारी ने 21वें मिनट में गोल करके अपनी टीम को बढ़त बनाई, लेकिन ब्राजील के विनीसियस जूनियर ने गोल करके स्कोर बराबर कर दिया.
मोरक्को के कोच मोहम्मद ओआहब ने अपने खिलाड़ियों से ब्राजील से न डरने के लिए कहा था, और उनकी बात का असर भी दिखा, क्योंकि 2022 की सेमीफाइनलिस्ट टीम ने पहले राउंड के सबसे अहम मैचों में से एक में शानदार शुरुआत की.
विनीसियस ने एक ट्रांसलेटर के जरिए कहा, ‘हमारी शुरुआत बहुत खराब रही, हमें निश्चित रूप से गेंद पर कब्जा बनाए रखना होगा. हमें बेहतर तरीके से खेलना होगा.’ ब्राजील के स्टार खिलाड़ी नेमार, जो अपनी दाहिनी पिंडली की चोट से उबर रहे हैं, इस मैच के लिए टीम में शामिल नहीं थे.
तीसरे मैच में स्कॉटलैंड ने हैती को 1-0 से मात दी. ये 1990 के बाद वर्ल्ड कप में स्कॉटलैंड की पहली जीत है. मैच में स्कॉटलैंड की तरफ से जॉन मैक्गिन शानदार गोल किया. इस जीत के साथ स्कॉटलैंड नॉकआउट चरण में पहुंचकर इतिहास रचने की कोशिश कर रही है, ऐसा कारनामा स्कॉटलैंड ने वर्ल्ड कप में कभी नहीं किया है.



