फ्लाईदुबई विमान में जानलेवा हमला: कैप्टन स्मित मछार की अदम्य बहादुरी पर इजराइल के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्रालय ने जताया आभार
हवा में हमलावर के कई वार सहने के बावजूद भारतीय पायलट ने अनलॉक किया कॉकपिट, इजराइली यात्रियों और एमिराती क्रू ने मिलकर बचाई 174 जिंदगियां

यरूशलम/दुबई | 1 अक्टूबर 2026: दुबई से उड़ान भरने वाली फ्लाईदुबई (flydubai) की फ्लाइट 1073 में बीते कल (30 सितंबर 2026) घटी एक खौफनाक घटना के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इजराइल के प्रधानमंत्री और इजराइल के विदेश मंत्रालय ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार की अभूतपूर्व वीरता और सूझबूझ के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मछार के साहस और कर्तव्यपरायणता की सराहना करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। देखें वीडियो व पीएम मोदी का सोशल मीडिया पर ट्वीट:
वहीं पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्वीट भी किया है-

इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित को ‘असली हीरो’ (Real Hero) बताते हुए कहा कि एक भारतीय, इजराइली और एमिराती दल के मिले-जुले साहस की बदौलत 174 यात्रियों और क्रू मेंबर्स की जान बचाई जा सकी-
My salute to the Indian pilot Captain Smit Machchhar for his extraordinary bravery.
Despite being stabbed and seriously injured, he fought back, resisted, opened the cockpit door, and enabled passengers and crew to overpower the attacker — preventing a catastrophic mid-air…
— Benjamin Netanyahu – בנימין נתניהו (@netanyahu) September 30, 2026
मिड-एयर हमले का पूरा घटनाक्रम और कैप्टन स्मित की असाधारण जांबाजी
बीते कल जब फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 हवा में हजारों फीट की ऊंचाई पर सफर कर रही थी, तब कॉकपिट के अंदर अचानक एक दिल दहला देने वाला मंजर देखने को मिला।

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कॉकपिट में जानलेवा हमला: उड़ान के दौरान कॉकपिट के भीतर एक हमलावर ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मछार पर चाकू से ताबड़तोड़ कई वार किए। इस अचानक हुए हमले में कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए।
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अत्यधिक खून बहने के बाद भी नहीं हारी हिम्मत: शरीर पर गहरे घाव होने और अत्यधिक खून बहने के बावजूद कैप्टन स्मित ने जरा भी आपा नहीं खोया। उन्होंने तुरंत इमरजेंसी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए संकट का संकेत (emergency code) भेजा और हिम्मत जुटाकर कॉकपिट का दरवाजा अंदर से अनलॉक कर दिया। हवाई सुरक्षा नियमों के तहत कॉकपिट का दरवाजा बेहद मजबूत और बाहर से अभेद्य होता है, जिसे केवल अंदर से ही खोला जा सकता है। कैप्टन का यह एक फैसला पूरी घटना का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ।

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दरवाजा खुलते ही यात्रियों और क्रू ने संभाली कमान: जैसे ही कॉकपिट का दरवाजा अनलॉक हुआ, विमान में मौजूद एमिराती केबिन क्रू और इजराइली यात्री बिना अपनी जान की परवाह किए तुरंत कॉकपिट में घुसे और हमलावर पर झपट पड़े। उन्होंने मिलकर हमलावर को तुरंत काबू में कर लिया।
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ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने कराई सुरक्षित लैंडिंग: इस हमले के दौरान विमान कुछ पलों के लिए अनियंत्रित भी हुआ, लेकिन विमान में ही यात्री के रूप में सफर कर रहे ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने तुरंत कॉकपिट में जाकर कंट्रोल संभाला और फ्लाइट को सुरक्षित लैंड कराया।
तीन देशों की एकजुटता ने बचाईं 174 जिंदगियां
इस पूरे घटनाक्रम में भारतीय पायलट का पराक्रम, एमिराती क्रू की मुस्तैदी और इजराइली यात्रियों की हिम्मत एक साथ देखने को मिली। अलग-अलग देशों और संस्कृतियों से होने के बावजूद संकट के उस एक पल में सबने एकजुट होकर 174 अनमोल जिंदगियां बचा लीं।
अस्पताल में भर्ती कैप्टन स्मित मछार का इलाज जारी है और पूरी दुनिया में उनके इस अभूतपूर्व साहस और कर्तव्यपरायणता की जमकर तारीफ हो रही है।




