FCRA रजिस्ट्रेशन के नाम पर रिश्वतखोरी: गृह मंत्रालय के 2 अधिकारी गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस का एक्शन
विदेश से मिलने वाले चंदे की फाइल क्लियर कराने के बदले मांग रहे थे रिश्वत; दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर की कार्रवाई।

नई दिल्ली, 29 सितंबर 2026: गृह मंत्रालय (MHA) से मिले विशेष इनपुट के आधार पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर एक बड़ी कार्रवाई में गृह मंत्रालय के दो अधिकारियों को हिरासत में लिया है। दोनों पर एक संस्था से विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) के पेंडिंग रजिस्ट्रेशन को क्लियर कराने और नवीनीकरण (Renewal) कराने के बदले रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप है।
#DelhiPolice's Special Cell of in coordination with central agencies, apprehended 2 government officials for seeking illegal gratification to facilitate FCRA registration. pic.twitter.com/NZsiEVx3fn
— All India Radio News (@airnewsalerts) September 29, 2026
कौन हैं पकड़े गए अधिकारी?
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सीनियर अकाउंटेंट: वर्तमान में गृह मंत्रालय के फॉरेनर्स डिवीजन (Foreigners Division) में तैनात है।
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अकाउंटेंट: वर्तमान में पे एंड अकाउंट्स ऑफिस (Pay & Accounts Office) में कार्यरत है और पहले फॉरेनर्स डिवीजन में सेवा दे चुका है।
पूरा मामला क्या है?
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रिश्वत मांगने का आरोप: शुरुआती जांच में सामने आया कि ये दोनों अधिकारी लंबित FCRA रजिस्ट्रेशन और रिन्यूअल फाइलों को पास कराने के लिए विभिन्न संस्थाओं और एसोसिएशनों के संपर्क में थे तथा उनसे अवैध रकम मांग रहे थे।
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जांच जारी: दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल अब यह पता लगा रही है कि इस भ्रष्टाचार के खेल में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या इन्होंने पहले भी इस तरह की रिश्वतखोरी की है।
गृह मंत्रालय (MHA) का सख्त रुख
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ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी: गृह मंत्रालय ने बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के प्रति सरकार की ज़ीरो टॉलरेंस नीति है। आरोपियों पर सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
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बिचौलियों से सावधान रहें: MHA ने साफ चेतावनी दी है कि FCRA से जुड़ी सभी सेवाएं सिर्फ आधिकारिक FCRA Portal के जरिए ऑनलाइन दी जाती हैं। किसी भी बिचौलिए, एजेंट या व्यक्ति को FCRA काम में मदद के लिए अधिकृत नहीं किया गया है।




