
22 जुलाई, नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के भीतर चल रहा अंदरूनी कलह अब खुलकर सड़कों और सोशल मीडिया पर आ गया है। ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान वायरल हुए ‘बर्गर वीडियो’ विवाद के बाद पार्टी से सस्पेंड किए गए प्रवक्ता विजेता दहिया ने अब संस्था के संस्थापक अभिजीत दिपके पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।
एक्स पर साझा किए गए एक वीडियो में विजेता दहिया ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि जब अभिजीत दिपके खुद विवादों में घिरे थे, तब उन्होंने उनका खुलकर बचाव किया था। लेकिन जब खुद विजेता पर बात आई, तो उन्हें किनारे लगा दिया गया।
“मुझे बली का बकरा बनाया गया”
विजेता दहिया ने वीडियो में आरोप लगाते हुए कहा:
“जब अभिजीत का ‘समोसा विवाद’ हुआ था, तब मैंने आगे आकर उसका बचाव किया था। लेकिन जैसे ही पहला मौका मिला, उसने मुझे ‘बली का बकरा’ बना दिया और बस के नीचे धकेल दिया (थ्रो अंडर द बस)।”
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब दिल्ली में नीट (NEET) और पेपर लीक मामलों को लेकर CJP का विरोध प्रदर्शन चल रहा था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़पें हो रही थीं, उसी वक्त सोशल मीडिया पर विजेता दहिया का एक वीडियो वायरल हो गया, जिसमें वह एक फास्ट-फूड आउटलेट पर बर्गर खाते हुए नजर आ रहे थे।
इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी तीखी आलोचना हुई कि जब कार्यकर्ता सड़कों पर लाठियां खा रहे थे, तब उनके प्रवक्ता बर्गर का लुत्फ उठा रहे थे। विवाद बढ़ता देख CJP नेतृत्व और संस्थापक अभिजीत दिपके ने विजेता दहिया के इस कृत्य को “असंवेदनशील” बताते हुए उन्हें प्रवक्ता पद से निलंबित कर दिया और उनके बयानों से पल्ला झाड़ लिया।
पलटवार की तैयारी
सस्पेंशन के बाद अब विजेता दहिया ने चुप्पी तोड़ी है और उनके इस बयान से साफ है कि CJP के भीतर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि इंटरनेट सेंसेशन के रूप में उभरी यह पार्टी अपने पहले बड़े जमीनी प्रदर्शन के बाद ही अंदरूनी मतभेदों और गुटबाजी का शिकार हो चुकी है।




