Uttarakhand: देहरादून-ऋषिकेश सड़क परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई पर लगी रोक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बड़ा फैसला, जनभावनाओं और पर्यावरण संरक्षण को दी प्राथमिकता

19 जुलाई, देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून-ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन सड़क परियोजना के लिए किए जा रहे बड़े पैमाने पर पेड़ों के कटान को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का बड़ा निर्णय लिया है। यह फैसला पिछले कई दिनों से स्थानीय निवासियों, पर्यावरण प्रेमियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद आया है।

क्या है मामला?
देहरादून और ऋषिकेश को जोड़ने वाले मार्ग को चौड़ा करने के लिए लगभग 4,369 पेड़ों को काटे जाने की योजना थी, जिससे पर्यावरण संरक्षण को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं। परियोजना के विरोध में सड़कों पर उतरे लोगों का तर्क था कि इतने बड़े पैमाने पर पेड़ों की बलि देने से पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) को अपूरणीय क्षति होगी। हाल ही में एक वन्यजीव (सांभर हिरण) की सड़क दुर्घटना में मौत ने भी इस मांग को और तेज कर दिया था।
मुख्यमंत्री का बयान
सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा:
“विकास हमारे लिए आवश्यक है, लेकिन जनभावनाओं, पर्यावरण और स्थानीय हितों की अनदेखी कर कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा। जब तक सभी पक्षों के साथ संतोषजनक सहमति एवं विश्वास का वातावरण नहीं बन जाता, तब तक इस परियोजना के अंतर्गत आने वाले पेड़ों का कटान स्थगित रखा जाएगा।”
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि परियोजना में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए 3.5 किलोमीटर लंबे हाथी अंडरपास और छोटे वन्यजीवों के लिए विशेष कल्वर्ट का प्रावधान पहले से ही था, लेकिन जनहित को प्राथमिकता देते हुए अब अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों के साथ पुनः विस्तृत संवाद स्थापित करें।
देहरादून–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना को लेकर पिछले कुछ दिनों से अनेक नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों एवं स्थानीय लोगों द्वारा व्यक्त की जा रही चिंताओं और सुझावों का मैंने गंभीरता से संज्ञान लिया है।
यह परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की एक महत्वपूर्ण अवसंरचना…
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 18, 2026
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
यह मामला शुक्रवार को तब और अधिक चर्चा में आ गया जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देहरादून से लौटते समय इस परियोजना के खिलाफ विरोध कर रहे प्रतिनिधियों से मुलाकात की और मामले को संसद में उठाने का आश्वासन दिया। स्थानीय लोग मुख्यमंत्री के इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं और इसे पर्यावरण संरक्षण के प्रति सरकार की संवेदनशीलता के रूप में देख रहे हैं।
फिलहाल, सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में कोई भी कार्यवाही उच्च न्यायालय के निर्देशों का पूर्ण सम्मान करते हुए और सभी हितधारकों की सहमति के आधार पर ही आगे बढ़ाई जाएगी।




