
चंडीगढ़, 22 जून 2026: हरियाणा में अपराधियों और संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हरियाणा पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। सोनीपत में हुई एक पुलिस मुठभेड़ के दौरान पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग करने वाले कुख्यात और इनामी अपराधी गोपाल को जवाबी कार्रवाई में ढेर कर दिया गया है। इस मुठभेड़ के दौरान सीआईए-1 (CIA-1) में तैनात मुख्य सिपाही (हेड कांस्टेबल) देवेंद्र भी गोली लगने से घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मुस्तैद पुलिस टीम पर आरोपी ने की अंधाधुंध फायरिंग
पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, क्राइम यूनिट वेस्ट (CIA-1) और सीआईए गन्नौर की संयुक्त टीम को पुख्ता सूचना मिली थी कि आरोपी गोपाल किसी व्यक्ति की हत्या करने की नीयत से इलाके में घूम रहा है। इस इनपुट के आधार पर जब पुलिस टीम ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, तो आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
गोपाल द्वारा चलाई गई दो गोलियां पुलिस की गाड़ियों पर लगीं, जबकि एक गोली मुख्य सिपाही देवेंद्र के हाथ में जा लगी। पुलिस ने आत्मरक्षा और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोपाल गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों को तुरंत खानपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने आरोपी गोपाल को मृत घोषित कर दिया। घायल पुलिसकर्मी देवेंद्र का इलाज जारी है और उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
दोहरे आजीवन कारावास की सजा काट रहा था गोपाल
मारे गए अपराधी गोपाल (पुत्र राम सिंह) का एक लंबा और खौफनाक आपराधिक इतिहास रहा है। सोनीपत के गांव अटायल का रहने वाला गोपाल एक आदतन अपराधी था, जिसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, मारपीट, लूट और आगजनी जैसे लगभग दो दर्जन (24) गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे।
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साल 2010: एक हत्या के मामले में उसे पहली बार आजीवन कारावास की सजा हुई थी।
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साल 2016: गन्नौर क्षेत्र में हुई एक और हत्या के मामले में उसे और उसके साथियों को अदालत ने दोबारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

पैरोल अवधि खत्म होने के बाद भी था फरार
गोपाल इसी साल फरवरी 2026 में 70 दिनों की पैरोल पर जेल से बाहर आया था। लेकिन पैरोल मिलने के बाद भी उसने अपनी आपराधिक गतिविधियां बंद नहीं कीं। मार्च 2026 में उसने अपने ही गांव अटायल के एक शराब ठेके पर हथियारों के बल पर मारपीट, तोड़फोड़ और आगजनी की वारदात को अंजाम दिया। इसके अलावा उसने समालखा क्षेत्र से एक ब्रेजा कार चोरी की और एक अन्य व्यक्ति पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग भी की थी। पैरोल की अवधि समाप्त होने के बाद भी उसने सरेंडर नहीं किया और वह लगातार फरार चल रहा था।
डीजीपी और पुलिस कमिश्नर का बयान
इस सफल एनकाउंटर के बाद हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने सोनीपत पुलिस की इस कार्रवाई को अपराध नियंत्रण रणनीति की एक बड़ी सफलता बताया। उन्होंने घायल हेड कांस्टेबल देवेंद्र के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा:
“ड्यूटी के दौरान बहादुरी दिखाने वाले घायल पुलिसकर्मी के इलाज का पूरा खर्च हरियाणा पुलिस उठाएगी। प्रदेश में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले और आतंक का माहौल बनाने वाले अपराधियों के खिलाफ यह सख्त और निर्णायक अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।”
वहीं, सोनीपत की पुलिस आयुक्त ममता सिंह ने भी इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि सोनीपत पुलिस अपराधियों के खिलाफ लगातार प्रभावी मुहिम चला रही है। हाल के दिनों में कई बड़े मामलों का खुलासा कर कुख्यात बदमाशों पर नकेल कसी गई है और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।




