मौसम अलर्ट: सावधान! अगले कुछ घंटों में दिल्ली-NCR और यूपी समेत 14 राज्यों में भारी बारिश और भीषण तूफान का रेड अलर्ट
सावधान! अगले कुछ घंटों में 80 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी विनाशकारी हवाएं; IMD ने आकाशीय बिजली और भूस्खलन की जारी की चेतावनी

29 जुलाई, 2026, नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के 14 से अधिक राज्यों के लिए अगले कुछ घंटों का हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में भारी से अत्यंत भारी मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सक्रिय मानसून ट्रफ और क्षेत्रीय वायुमंडलीय अस्थिरता (Atmospheric Instability) के कारण अचानक मौसम में यह बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इस दौरान प्रभावित इलाकों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं।
प्रभावित राज्य और अलर्ट की स्थिति
IMD द्वारा जारी की गई चेतावनी के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में अलर्ट इस प्रकार है:
1. उत्तर भारत और मैदानी इलाके
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राज्य: उत्तर प्रदेश, दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान।
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स्थिति: इन राज्यों में मानसून बेहद सक्रिय रूप में है। गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
2. पहाड़ी क्षेत्रों में रेड अलर्ट
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राज्य: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर।
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स्थिति: पहाड़ों में मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन (Landslides) और अचानक आने वाली बाढ़ (Flash Floods) का गंभीर खतरा है। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा समेत कई संवेदनशील रूटों पर आवाजाही रोक दी है।
3. पूर्वी और मध्य भारत
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राज्य: बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश।
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स्थिति: इन राज्यों में व्यापक रूप से बारिश और वज्रपात (बिजली गिरने) का अनुमान है। विशेष रूप से ओडिशा के कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश हो सकती है।
4. पूर्वोत्तर भारत
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राज्य: असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।
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स्थिति: पूर्वोत्तर के राज्यों में लगातार हो रही बारिश से बाढ़ की स्थिति पहले से ही गंभीर बनी हुई है, जिसके अगले कुछ घंटों में और बिगड़ने की आशंका है।
मुख्य खतरे और जनजीवन पर प्रभाव
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तेज हवाओं का तांडव: 60 से 80 किमी/घंटा की गति से चलने वाली हवाओं के कारण पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है।
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जलभराव और ट्रैफिक जाम: शहरी और निचले इलाकों में भारी पानी भरने (Waterlogging) के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो सकता है।
🛡️ सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां (Advisory)
आपदा प्रबंधन टीमों और मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें:
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खुले स्थानों पर जाने से बचें: जब आंधी-तूफान या बिजली कड़क रही हो, तो पेड़ों, टिन शेड या बिजली के तारों के नीचे आश्रय न लें। सुरक्षित पक्के मकानों के अंदर रहें।
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गैर-जरूरी यात्रा टालें: विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों और जलभराव वाले रास्तों पर सफर करने से बचें।
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प्रशासन के निर्देशों का पालन करें: स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी की जा रही ताजा गाइडलाइन्स पर नजर रखें।




