अग्निपथ योजना में बड़ा बदलाव: अग्निवीरों का सेवा काल 2 साल बढ़ा
अब 4 नहीं 6 साल देश सेवा करेंगे जवान; दिसंबर 2026 में 4 साल पूरा करने वाले पहले बैच को मिलेगा सीधा लाभ
नई दिल्ली, 4 नवंबर 2026: केंद्र सरकार ने सशस्त्र बलों में भर्ती से जुड़ी ‘अग्निपथ योजना’ को लेकर एक बेहद अहम फैसला किया है। केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बाद सरकार ने अग्निवीरों के सेवा काल को 2 साल बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके तहत अग्निवीरों का कार्यकाल अब 4 साल से बढ़ाकर कुल 6 साल कर दिया गया है।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि ने बुधवार को कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान इस फैसले की घोषणा की।
“अग्निपथ योजना के तहत सेवा देने वाले अग्निवीरों की 4 साल की सेवा पूरी होने के बाद उन्हें 2 साल का अतिरिक्त कार्यकाल दिया जाएगा। विस्तारित अवधि समाप्त होने के बाद प्रदर्शन और मेरिट के आधार पर नियमित सेवा में शामिल होने के और भी रास्ते खोले जाएंगे।” — जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS)
फैसले से जुड़ी मुख्य बातें
- 2 साल का विस्तार: पहले अग्निवीरों को 4 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त होना पड़ता था, लेकिन अब शेष 75% अग्निवीरों को 2 साल का एक्सटेंशन दिया जाएगा।
- बढ़ेगा वेतन और लाभ: विस्तारित 2 वर्षों के दौरान अग्निवीरों के वेतन (Emoluments) और अन्य भत्तों में बढ़ोतरी की जाएगी।
- स्थायी भर्ती के नए अवसर: 6 साल की सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों के प्रदर्शन के मूल्यांकन के आधार पर उन्हें भारतीय सेना में स्थायी कैडर के रूप में शामिल करने का अवसर दिया जाएगा।
- दिसंबर 2026 के पहले बैच को सीधा लाभ: इस फैसले से उन 18,000 से अधिक अग्निवीरों को तुरंत राहत मिलेगी जिनका पहला बैच दिसंबर 2026 में 4 साल का कार्यकाल पूरा करने वाला था।
Taking a significant decision today, the Union Cabinet chaired by PM Shri @narendramodi has approved a two-year ‘Second Tour of Duty’ for Agniveers under #Agnipath.
I sincerely thank PM Modi for taking the decision of additional 2-year ‘Second Tour of Duty’ for Agniveers under…
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) November 4, 2026
क्यों लिया गया यह फैसला?
2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना के बाद मिले फीडबैक और सेना के तीनों अंगों की व्यावहारिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह संशोधन किया गया है। सरकार का मानना है कि अतिरिक्त 2 साल की सेवा से जवानों को बेहतर सैन्य अनुभव और दक्षता प्राप्त होगी, जिससे भारतीय सशस्त्र बलों की परिचालन तैयारी (operational readiness) और मजबूत होगी।
यह कदम रक्षा मंत्रालय द्वारा युवाओं को सशक्त बनाने और सशस्त्र बलों को अधिक आधुनिक व अनुभवी बनाए रखने की दिशा में एक ऐतिहासिक सुधार माना जा रहा है।




